मध्यप्रदेश सहित देशभर में होने वाली NEET परीक्षा को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। नकल रोकने के उद्देश्य से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने सभी मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की छुट्टियां रद्द करने का निर्देश जारी किया है। दो और तीन मई को किसी भी छात्र को अवकाश नहीं देने का आदेश दिया गया है। इस फैसले को लेकर जूनियर डॉक्टर्स के बीच नाराजगी देखी जा रही है और इसे अनुचित बताया जा रहा है।
NMC का सख्त निर्देश
एनएमसी द्वारा जारी नोटिस में देश के सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की सख्ती से परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
नकल रोकने की तैयारी
पिछले वर्षों में सामने आए सॉल्वर गैंग के मामलों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। जांच एजेंसियों द्वारा 2024 और 2025 में कई मामलों का खुलासा किया गया था, जिससे परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठे थे। इसी के बाद निगरानी बढ़ाने और किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए यह आदेश लागू किया गया।
जूनियर डॉक्टरों का विरोध
इस फैसले का जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने विरोध किया है। उनका कहना है कि प्रशासन अपनी विफलताओं का बोझ छात्रों पर डाल रहा है। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि सॉल्वर गैंग पर नियंत्रण न कर पाने का खामियाजा मेडिकल छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
विवाद के बीच आगे की राह
यह मामला अब बहस का विषय बन गया है कि परीक्षा की पारदर्शिता और छात्रों के अधिकारों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। आने वाले दिनों में इस आदेश को लेकर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं, जिससे नीति में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।