NEET मामले में जांच के दौरान सामने आए चौंकाने वाले खुलासे : मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर चल रही जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। हाल ही में जांच एजेंसियों को ऐसी जानकारी मिली जिसने सभी को हैरान कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, 12वीं कक्षा में ग्रेस नंबर से पास होने वाला एक छात्र डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहा था। वहीं एक अन्य आरोपी ने कथित तौर पर साल 2025 में भी कई छात्रों को परीक्षा पास कराने का दावा किया है.
इस मामले की जांच अब Central Bureau of Investigation यानी CBI कर रही है. एजेंसी को जांच के दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर पूरे नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं.
ग्रेस नंबर से पास छात्र पर उठे सवाल
जांच में सामने आया कि ऋषि नाम का छात्र 12वीं की परीक्षा में ग्रेस नंबर की मदद से पास हुआ था। इसके बावजूद वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था और डॉक्टर बनने का सपना देख रहा था. जांच अधिकारियों को इस बात पर शक हुआ कि कम शैक्षणिक प्रदर्शन के बावजूद छात्र का नाम कुछ संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ा हुआ मिला। इसके बाद एजेंसियों ने उसकी पृष्ठभूमि और संपर्कों की जांच शुरू की.
‘यश’ नाम के आरोपी पर गंभीर आरोप
मामले में यश नाम के व्यक्ति की भूमिका भी जांच एजेंसियों के निशाने पर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने कथित तौर पर साल 2025 में भी पांच छात्रों को NEET परीक्षा पास कराने का दावा किया था. जांच एजेंसियों को शक है कि यह एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी, फर्जी दस्तावेज और तकनीकी मदद का इस्तेमाल किया गया हो.
डिजिटल सबूतों से बढ़ी जांच
CBI को मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और कुछ डिजिटल डाटा मिले हैं, जिनमें कई संदिग्ध बातचीत सामने आई हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन सबूतों से पूरे रैकेट के काम करने के तरीके का खुलासा हो सकता है. जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या अन्य राज्यों में भी इसी तरह की गतिविधियां चल रही थीं.
छात्रों और अभिभावकों में चिंता
इस मामले के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है। कई लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य पर असर डालती हैं. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी और मजबूत व्यवस्था जरूरी है.
जांच पर टिकी सभी की नजर
फिलहाल Central Bureau of Investigation की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। देशभर के छात्र और अभिभावक इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इसका असर शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा माना जा रहा है.