NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और CJP का प्रदर्शन जारी है। सरकार की ओर से कई बड़े फैसलों के बावजूद प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी बीच सरकार और CJP के बीच तीसरे दौर की बातचीत पर सभी की नजर है।
सरकार ने किए कई बड़े फैसले
बीते 48 घंटों में सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। शिक्षा सचिव को हटाया गया, NTA के 47 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया और पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। साथ ही नकल और पेपर लीक से जुड़े मामलों में सख्त सजा का प्रावधान भी घोषित किया गया है।
राहुल गांधी ने रखीं तीन मांगें
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाया जाए, प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो और प्रधानमंत्री छात्रों से माफी मांगें। राहुल गांधी ने कहा कि इन तीन मांगों पर कोई समझौता नहीं होगा।
योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर हमला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस छात्रों के मुद्दे पर "घड़ियाली आंसू" बहा रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कड़े फैसले लिए हैं और पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कानून बनाया गया है।
बिहार समेत कई राज्यों में विरोध तेज
बिहार में छात्र संगठनों ने बंद का आह्वान किया, जबकि पटना में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। कई राज्यों में छात्र संगठन रैलियां निकाल रहे हैं और पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जंतर-मंतर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।
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आगे की बातचीत पर टिकी निगाहें
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं। सरकार कई प्रशासनिक फैसले ले चुकी है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी प्रमुख मांगों पर कायम हैं। ऐसे में तीसरे दौर की वार्ता और उसके नतीजों पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।