NEET री-एग्जाम में बड़ी गड़बड़ी : NEET UG री-एग्जाम 2026 को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। महाराष्ट्र के नागपुर के एक छात्र को परीक्षा केंद्र भारत की बजाय अबूधाबी आवंटित कर दिया गया। इस घटना के बाद छात्र और उसका परिवार गहरे तनाव में आ गया। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए.
छात्र और परिवार के लिए बढ़ी परेशानी
जानकारी के अनुसार नागपुर के छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब को 21 जून को होने वाले NEET री-एग्जाम के लिए एडमिट कार्ड जारी किया गया। लेकिन जब उसने परीक्षा केंद्र की जानकारी देखी तो उसमें अबूधाबी का सेंटर दर्ज था। छात्र के परिवार ने बताया कि उन्होंने परीक्षा के लिए भारत के शहरों को प्राथमिकता में चुना था, लेकिन इसके बावजूद विदेश का सेंटर आवंटित कर दिया गया.
परिवार का कहना है कि छात्र के पास पासपोर्ट तक नहीं है और इतनी कम अवधि में विदेश जाकर परीक्षा देना संभव नहीं था। इस गलती ने छात्र की मानसिक स्थिति पर भी असर डाला। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह पूरी रात परेशान रहा और परीक्षा देने को लेकर निराश हो गया.
राहुल गांधी ने NTA पर साधा निशाना
इस पूरे मामले पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एक छात्र को हजारों किलोमीटर दूर विदेश में परीक्षा केंद्र देना बेहद गैरजिम्मेदाराना है. राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब छात्र के पास पासपोर्ट नहीं है और परिवार विदेश भेजने में सक्षम नहीं है, तो ऐसी गलती कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा कि NTA को परीक्षा करवाने का नहीं बल्कि छात्रों को परेशान करने का काम मिल गया है.
राहुल गांधी पिछले कुछ समय से NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे पर लगातार सरकार और NTA को घेरते रहे हैं। उन्होंने पहले भी कहा था कि छात्रों को बार-बार मानसिक दबाव में डालना शिक्षा व्यवस्था की विफलता को दिखाता है.
NTA की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी NTA की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं. कई छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा केंद्र आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय परीक्षा में तकनीकी और प्रशासनिक गलतियां छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डालती हैं. बताया जा रहा है कि मामले के तूल पकड़ने के बाद NTA ने नया एडमिट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है.