NEET Re-Exam: नीट री-एग्जाम के दौरान बेंगलुरु से एक भावुक और निराशाजनक घटना सामने आई है। शहर के आरसी गवर्नमेंट कॉलेज परीक्षा केंद्र पर तीन छात्राएं महज दो मिनट की देरी से पहुंचीं, जिसके कारण उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली। परीक्षा शुरू होने से पहले निर्धारित समय पर केंद्र का मुख्य गेट बंद कर दिया गया था और देर से पहुंचने वाली छात्राओं को नियमों के तहत प्रवेश नहीं दिया गया। इस घटना ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों को भावुक कर दिया।
निर्धारित समय पर बंद हुआ परीक्षा केंद्र
जानकारी के अनुसार परीक्षा केंद्र पर दोपहर 1:29 बजे लाउडस्पीकर के माध्यम से अंतिम घोषणा की गई थी कि 1:30 बजे गेट बंद कर दिए जाएंगे। निर्धारित समय पूरा होते ही मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया। इसके दो मिनट बाद, यानी 1:32 बजे तीन छात्राएं परीक्षा केंद्र पहुंचीं। गेट बंद देखकर छात्राओं और उनके परिजनों में चिंता और घबराहट फैल गई।
रेलिंग फांदकर परिसर में पहुंचीं छात्राएं
परीक्षा छूटने के डर से तीनों छात्राओं ने केंद्र की रेलिंग पार कर परिसर के अंदर पहुंचने की कोशिश की। हालांकि परिसर में प्रवेश करने के बावजूद उन्हें परीक्षा हॉल तक पहुंचने की अनुमति नहीं मिल सकी। परीक्षा हॉल का प्रवेश द्वार भी बंद हो चुका था और अधिकारियों ने निर्धारित नियमों का हवाला देते हुए उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
ट्रैफिक जाम को बताया देरी की वजह
छात्राओं के अभिभावकों ने दावा किया कि वे समय से घर से निकले थे, लेकिन शहर में आयोजित एक राजनीतिक रैली के कारण भारी ट्रैफिक जाम में फंस गए। उनका कहना था कि इसी वजह से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में केवल दो मिनट की देरी हुई। अभिभावकों ने बताया कि इतनी मामूली देरी के कारण छात्रों का एक साल प्रभावित हो सकता है।
नियमों पर फिर छिड़ी बहस
इस घटना के बाद परीक्षा केंद्रों पर लागू सख्त प्रवेश नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय सीमा का पालन जरूरी माना जाता है, वहीं दूसरी ओर अभिभावकों का कहना है कि असाधारण परिस्थितियों में कुछ लचीलापन होना चाहिए। फिलहाल यह घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है और कई लोग छात्राओं के प्रति सहानुभूति जता रहे हैं।