NEET UG 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक होने के बाद देशभर में 3 मई को आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा को रद्द कर दिया। इस साल 22 लाख से ज़्यादा उम्मीदवारों ने NEET UG परीक्षा में हिस्सा लिया था। पेपर लीक मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। वहीं, परीक्षा रद्द किए जाने के बाद पेपर लीक मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। फेडरेशन ऑफ ऑल मेडिकल एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में इसे लेकर याचिका दाखिल की है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका की दायक
आपको बता दें कि नीट एग्जाम कैंसिल होने के बाद फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन' ने अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। फेडरेशन ने कोर्ट से यह अपील की है कि NTA को भंग कर दिया जाए और NEET-UG परीक्षा प्रक्रिया न्यायिक निगरानी में आयोजित कराई जाए।
हाई-लेवल कमेटी नियुक्त करने की लगाई गुहार
फेडरेशन ने सुप्रीम कोर्ट में नीट एग्जाम के लिए हाई-लेवल कमेटी नियुक्त करने की गुहार लगाई गई है। वकील तन्वी दुबे ने कहा, 'हमने यह भी गुहार लगाई है कि अदालत (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा एक हाई-लेवल कमेटी नियुक्त की जाए, जो परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था के कामकाज पर नजर रखे, और यह सुनिश्चित करे कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो।
लाखों छात्रों का भविष्य हुआ प्रभावित
फेडरेशन ने कोर्ट में दलील दी है कि पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है और वर्तमान व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है। इससे छात्रों की कड़ी मेहनत और मनोबल पर गहरा असर हुआ है।
ऑफलाइन के बजाय सीबीटी मोड में हो परीक्षा
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी मांग की गई है कि पारंपरिक ऑफलाइन परीक्षा की बजाय सीबीटी मोड लागू किया जाएगा। सीबीआई को भी यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वह चार हफ्ते के अंगर कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें।
दोबारा आयोजित होगी परीक्षा
आपको बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 12 मई को पेपर लीक के बाद नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी। NTA ने माना कि गड़बड़ी हुई है। एग्जाम 3 मई को हुआ था, जिसमें 22.79 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। परीक्षा का आयोजन दोबारा से किया जाएगा। परीक्षा के नई तारीख का ऐलान 7-8 दिन में कर दिया जाएगा।