नेपाल में कुदरत का कहर: 626 मौतें, 2,400 से ज्यादा अब भी लापता; बॉर्डर पर टूटा ग्लेशियर भी बना खतरा
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नेपाल में कुदरत का कहर: 626 मौतें, 2,400 से ज्यादा अब भी लापता; बॉर्डर पर टूटा ग्लेशियर भी बना खतरा
लोकसत्य
शनिवार, 29 अगस्त 2026 • 3:59 pm
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नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने तबाही का ऐसा मंजर छोड़ा है, जिससे अब तक 626 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल चौथे दिन भी प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश में जुटे हैं। नेपाल में फंसे करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें 163 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
626 लोगों की मौत, लापता लोगों की तलाश जारी
नेपाल पुलिस के मुताबिक बाढ़ और अचानक आई तेज जलधारा से सीमा क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। अब तक 626 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, तिब्बत की तरफ भी सात लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में लोगों के अब भी लापता होने के कारण मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।
2,465 लोगों को सुरक्षित निकाला, 163 विदेशी भी शामिल
नेपाल सेना के मुताबिक अब तक 2,465 लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। इनमें 163 विदेशी नागरिक हैं। इनमें 113 भारतीय, 26 चीनी, 15 दक्षिण कोरियाई, चार जर्मन, इटली और अमेरिका के दो-दो नागरिक और एक ओमानी नागरिक शामिल है। इसके अलावा त्रिशूली और रसुवा में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों से 191 कर्मचारियों को भी बाहर निकाला गया।
ग्लेशियर टूटने से बनी झील का खतरा घटा
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बनी झील को लेकर भी चिंता बनी हुई थी। हालांकि अब इसका खतरा कम होता दिखाई दे रहा है। शनिवार सुबह तक सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में झील का पानी धीरे-धीरे बाहर निकलता नजर आया। इससे जलाशय का आकार कम हुआ है और अचानक झील फटने का खतरा पहले की तुलना में घटा है।
नेपाल को पुनर्निर्माण के लिए चाहिए 4 से 5 अरब डॉलर
भीषण बाढ़ के बाद नेपाल के सामने अब राहत के साथ बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण की चुनौती है। वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले के अनुसार शुरुआती अनुमान के मुताबिक देश को पुनर्निर्माण के लिए करीब 4 से 5 अरब डॉलर की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि नुकसान का विस्तृत आकलन अभी किया जा रहा है।
आपदा राहत कोष में जुटे 229.5 करोड़ नेपाली रुपए
प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में शुक्रवार रात तक 2.295 अरब नेपाली रुपए से अधिक जमा हो चुके हैं। यह राशि 10 अलग-अलग वाणिज्यिक बैंकों में संचालित खातों में जमा की गई है। दूसरी ओर, प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने और लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है।