Nepal Flood India Aid : नेपाल में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस मुश्किल समय में भारत लगातार नेपाल के संपर्क में है और राहत-बचाव के लिए मदद भेज रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को दिल्ली में नेपाल के हालात को लेकर अहम बैठक की। इसमें विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ काठमांडू और बीजिंग में तैनात भारतीय राजदूत भी शामिल हुए।
जयशंकर ने हालात की समीक्षा की
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नेपाल में बाढ़ की स्थिति को लेकर विदेश सचिव और विदेश मंत्रालय की टीम के साथ बैठक की। इस दौरान नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयासों पर चर्चा हुई। भारत अलग-अलग मंत्रालयों, राज्य सरकारों, पर्यटन संचालकों और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर जानकारी जुटा रहा है।
नेपाल को भेजी जा रही राहत सामग्री
भारत ने नेपाल की मदद के लिए राहत सामग्री भेजने का काम तेज कर दिया है। पहली खेप में 10 टन मानवीय सहायता और जरूरी दवाइयां भेजी गई थीं। इसके बाद दूसरी खेप में 37.5 टन राहत और आपदा सहायता सामग्री भेजी गई। इसमें दवाइयां और खाने के पैकेट भी शामिल हैं।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर खास नजर
बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई भारतीयों के फंसे होने की खबरों के बीच भारत उनकी जानकारी जुटाने और सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहा है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। भारत ने साफ किया है कि इस संकट की घड़ी में वह नेपाल के साथ खड़ा है।
नेपाल में बढ़ता जा रहा मौत का आंकड़ा
नेपाल में बाढ़ की वजह से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मृतकों की संख्या 177 तक पहुंच गई है। भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। चीन की सीमा के पास रसुवागढ़ी के तिमुरे इलाके में भी बाढ़ का असर देखने को मिला।
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भारत ने मदद का भरोसा दिलाया
भारत सरकार नेपाल में राहत और बचाव अभियान को लेकर लगातार नजर बनाए हुए है। केंद्र सरकार ने भी सीमा से लगे बिहार और उत्तर प्रदेश के इलाकों में सतर्कता बढ़ाई है। भारत की ओर से राहत सामग्री की नई खेप भेजे जाने से साफ है कि पड़ोसी देश की इस मुश्किल घड़ी में मदद का सिलसिला जारी रहेगा।