नेपाल में आई बाढ़ के बाद लापता लोगों के परिवार अब भी अपनों के सुरक्षित मिलने की आस लगाए बैठे हैं। इन्हीं लोगों में से एक है कबीर महाजन का परिवार। कबीर के परिवार को बीते 10 दिनों से उसके लौटने का इंतजार था। शुक्रवार को बचावकर्मियों ने उसे सुरंग से सुरक्षित निकाल लिया। कबीर के छोटे भाई आमिर महाजन ने कहा, "हम बेहद खुश हैं कि 10 दिन से लापता मेरे बड़े भाई को बचा लिया गया। परिवार में जो खुशी आई है, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।"
शुक्रवार को यह इंतजार खत्म
परिवार ने बताया कि कबीर महाजन के लापता होने के बाद वे मुश्किल से सो पाए। घंटों तक टीवी रिपोर्ट, सोशल मीडिया पोस्ट और कई स्रोतों से आ रही अपडेट्स को देखते हुए उनकी भूख भी मर गई थी। वे लगातार सोचते रहे कि क्या उन्हें कबीर के बारे में कोई खबर मिलेगी। हालांकि शुक्रवार को यह इंतजार खत्म हो गया। सुबह करीब 8:30 बजे वो खबर आ गई जिसका पूरा परिवार बेसब्री से इंतजार कर रहा था।
नेपाल आर्मी हॉस्पिटल ले जाया गया
बचाए गए व्यक्ति को इलाज के लिए काठमांडू की छाउनी स्थित नेपाल आर्मी हॉस्पिटल ले जाया गया। फिलहाल कबीर का पूरा परिवार उनकी एक झलक ही देख पाया। छोटे भाई ने कहा, "हमने उन्हें अस्पताल के अंदर ले जाते समय थोड़ी देर के लिए देखा। उनकी हालत ठीक लग रही है। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है और हम बाहर इंतजार कर रहे हैं।"
हमारी नींद और भूख दोनों उड़ गई
परिवार की यह कठिन घड़ी 26 अगस्त को त्रिशूली और भोटेकोशी नदी के इलाकों में आई भीषण बाढ़ के साथ शुरू हुई थी। छोटे भाई ने बताया कि आपदा से ठीक एक दिन पहले ही उनकी कबीर से बात हुई थी। उन्होंने कहा, "उसके बाद के 10 दिन हमारे लिए बेहद दर्दनाक और अनिश्चितता भरे थे। हमारी नींद और भूख दोनों उड़ गई थीं। हम मीडिया, फेसबुक और कई स्रोतों से जानकारी और अपडेट के लिए लगातार देखते रहे, सोचते रहे कि आज या कल मेरे भाई के बारे में कोई खबर मिलेगी या नहीं। परिवार लगातार चिंता में जी रहा था, कभी नहीं पता था कि अगली जानकारी कब आएगी या वह क्या लेकर आएगी। हम बहुत घबराहट में थे, लगातार सोचते रहते थे कि आगे कौन सी खबर सुनने को मिलेगी।"
10 दिनों की तरह ही बेचैनी से इंतजार
शुक्रवार सुबह जब परिवार पिछले 10 दिनों की तरह ही बेचैनी से इंतजार कर रहा था, तो उन्हें पता चला कि एक और व्यक्ति को सुरंग से बचाया गया है। इसके तुरंत बाद, उन्हें खबर मिली कि कबीर को भी जीवित निकाल लिया गया। 45 साल के कबीर इस परियोजना की हाइड्रोपावर ऑटोमेशन यूनिट में सुपरवाइजर के तौर पर काम करते थे। उनके साथ 30 साल के फोरमैन संजय साह को भी जीवित बचाया गया। इसके बाद महाजन परिवार को नेपाल विद्युत प्राधिकरण से फोन आया, जिसमें बचाव की पुष्टि की गई और बताया गया कि कबीर को किस अस्पताल ले जाया जा रहा है।