नेपाल में 5 मार्च को आम चुनाव के बाद वोटों की गिनती अब भी जारी है। शुरुआती रुझानों के हिसाब से नेपाल में इस बार जेन-जी की सरकार बनने जा रही है। अब तक हुई वोटों की गिनती में, पीएम पद के उम्मीदवार बालेंद्र शाह उर्फ बालेन शाह केपी ओली को हराकर भारी बढ़त के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ नेपाल के पूर्व पीएम पुष्प कमल प्रचंड दहन ने रुकुम ईस्ट-1 सीट से जीत दर्ज कर ली है।
ओली 25,795 वोटों से पीछे चल रहे
नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नेता प्रचंड को 10,240 वोट मिले और 6,778 वोटों से उन्होंने जीत हासिल की है। वहीं झापा-5 में बालेंद्र शाह की अगर बात करें, तो अब तक उन्हें 34,863 वोट मिले हैं और 25,795 वोटों से वह आगे बढ़ रहे हैं। वहीं नेपाल के पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली 25,795 वोटों से पीछे चल रहे हैं।
सितंबर 2025 में नेपाल में हिंसक जेन-जी विरोध प्रदर्शन
शुरुआती रुझान के हिसाब से नेपाल में बड़ा राजनीतिक बदलाव होता हुआ नजर आ रहा है। सितंबर 2025 में नेपाल में हिंसक जेन-जी विरोध प्रदर्शन हुए और केपी ओली की सरकार को सत्ता से हटा दिया गया। इसके बाद पहली बार वहां चुनाव हुआ। शुरुआती रुझान में पुराने राजनीतिक दलों को मात देते हुए तीन साल पुरानी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) आगे निकल रही है।
चुनावों के वोटों की गिनती हो रही
शुक्रवार को जब 5 मार्च को हुए चुनावों के वोटों की गिनती हो रही थी, तो भंग हुई पार्लियामेंट की सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस के प्रेसिडेंट गगन थापा, सरलाही-4 में आरएसपी के अमरेश कुमार सिंह से काफी पीछे चल रहे थे।
आरएसपी पूरे देश में भारी वोटों से आगे चल रही
नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के सहयोजक प्रचंड पुरानी बिग थ्री के शीर्ष नेताओं में से अकेले ऐसे उम्मीदवार हैं, जो इस बार रुकुम ईस्ट-1 से जीते। नेपाली मीडिया की ओर से जारी आंकड़ों के हिसाब से आरएसपी पूरे देश में भारी वोटों से आगे चल रही है। आंकड़ों को लेकर वित्त मंत्री रमेशोर खनल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लिखा, अब तक गिने गए वोटों के आधार पर, ऐसा लगता है कि यह दावा कि यह संविधान बहुमत वाली स्थिर सरकार नहीं दे सकता, एक बार फिर गलत साबित होगा।