राजधानी के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के मंच पर उस वक्त हंगामा मच गया, जब यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ता अचानक अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने हाई-प्रोफाइल समिट की सुरक्षा व्यवस्था और सियासी माहौल दोनों को सवालों के घेरे में ला दिया। अब दिल्ली पुलिस ने अदालत में दावा किया है कि यह प्रदर्शन नेपाल में हुए कथित ‘Gen-Z आंदोलन’ से प्रेरित था। पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
समिट के बीच सियासी प्रदर्शन
भारत मंडपम में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान जैसे ही कार्यक्रम आगे बढ़ा, कुछ युवाओं ने अचानक अपनी शर्ट उतारकर सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। टी-शर्ट्स पर ‘PM is Compromised’, ‘India-US Trade Deal’ और ‘Epstein Files’ जैसे स्लोगन लिखे थे। मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत चारों को हिरासत में ले लिया।
कोर्ट में दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि यह विरोध प्रदर्शन नेपाल में हुए Gen-Z आंदोलन से प्रेरित था, जिसने वहां राजनीतिक अस्थिरता पैदा की थी। पुलिस के मुताबिक, यह केवल एक आकस्मिक विरोध नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश हो सकती है। इसलिए आरोपियों को आपस में आमने-सामने बैठाकर पूछताछ जरूरी है।
पटियाला हाउस कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए जमानत नामंजूर कर दी और पांच दिन की रिमांड मंजूर की।
फंडिंग और डिजिटल कनेक्शन की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रदर्शन के लिए फंडिंग कहां से हुई और टी-शर्ट्स छपवाने का खर्च किसने उठाया। साथ ही डिजिटल चैट, सोशल मीडिया मैसेज और कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर विदेशी प्रेरणा या नेटवर्क का कोई सुराग मिलता है, तो मामला और गंभीर हो सकता है।
सियासत में नई ‘प्रोटेस्ट स्ट्रैटेजी’?
विश्लेषकों का मानना है कि हाल के वर्षों में युवाओं के विरोध प्रदर्शन के तरीके बदले हैं। सोशल मीडिया के दौर में प्रतीकात्मक और विजुअल प्रोटेस्ट तेजी से वायरल होते हैं। ऐसे में अर्धनग्न प्रदर्शन जैसी रणनीति ध्यान आकर्षित करने का एक तरीका बनती जा रही है।
हालांकि, विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बता सकता है, लेकिन कानून-व्यवस्था के नजरिए से यह सुरक्षा चूक भी मानी जा रही है।
आगे क्या?
अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है। क्या यह केवल युवाओं का आक्रोश था या किसी बड़े नेटवर्क की साजिश? पांच दिन की रिमांड के दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल, राजधानी की सियासत में AI समिट से ज्यादा चर्चा इस ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ की हो रही है।