
नेपाल की एक जेल से भागे कैदियों ने भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की, लेकिन सशस्त्र सीमा बल (SSB) की सतर्कता के आगे उनकी योजना नाकाम हो गई। सीमा पार कर रहे 30 कैदियों को एसएसबी ने गिरफ्तार कर लिया। इनमें से 17 कैदियों को उत्तर प्रदेश में, जबकि 13 को बिहार और पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया।
चौकसी बढ़ने से विफल हुई कोशिश
जैसे ही बुधवार दोपहर नेपाल की जेल से कैदियों के फरार होने की खबर आई, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पर चौकसी बढ़ा दी। रातभर चले गश्ती अभियान के दौरान लखीमपुर, बहराइच और बलरामपुर जिलों से 17 कैदी दबोचे गए। वहीं बिहार और बंगाल की सीमा पर 13 अन्य कैदियों को पकड़ा गया। सुरक्षा बलों ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और भारत की सीमा में किसी भी तरह की अवैध घुसपैठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नेपाल में हिंसा, भारतीयों की बढ़ी चिंता
नेपाल में लगातार बढ़ रही हिंसा और तनाव के बीच वहां फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने की कवायद भी तेज कर दी गई है। विशेषकर तेलुगु समुदाय के लोग बड़ी संख्या में नेपाल में फंसे हुए हैं। गुरुवार को सिमिकोट से 12 लोगों को लेकर एक विशेष उड़ान रवाना हुई। इसके अलावा 22 लोगों का एक और समूह सड़क मार्ग से सुरक्षित भारत लौटा।
आंध्र प्रदेश सरकार की पहल
आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र और नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के साथ मिलकर फंसे हुए लोगों को निकालने में जुटी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की कि 133 लोगों को सुरक्षा काफिले के साथ काठमांडू एयरपोर्ट पहुंचा दिया गया है। एक चार्टर विमान पोखरा से उड़ान भरकर 10 लोगों को काठमांडू लाएगा, जहां से वे इंडिगो की फ्लाइट से भारत लौटेंगे।
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217 भारतीयों का पता लगा
अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में अब तक 217 भारतीय नागरिकों का पता लगाया गया है। इनमें से 173 लोग काठमांडू में, 22 हेटौडा में, 10 पोखरा में और 12 सिमिकोट में मौजूद हैं। इनमें से अधिकांश लोगों की सुरक्षित वापसी की तैयारी पूरी कर ली गई है।
सीमा और सुरक्षा पर बढ़ी नजर
नेपाल जेल से कैदियों के भागने और भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश ने सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी और बढ़ा दी है। एसएसबी का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है और सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
देखा जाए तो नेपाल में बिगड़ती कानून-व्यवस्था भारत के लिए भी चिंता का विषय बन सकती है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की फुर्ती से न केवल कैदियों की घुसपैठ रोकी गई, बल्कि नेपाल में फंसे भारतीयों की वापसी को भी सुरक्षित और तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है।