मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और संभावित आपूर्ति संकट की आशंकाओं के बीच नेपाल सरकार ने रसोई गैस (एलपीजी) की राशनिंग शुरू करने का फैसला किया है। सरकारी तेल कंपनी नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन ने कहा है कि देश में गैस की उपलब्धता को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए अब उपभोक्ताओं के खाली सिलेंडरों में केवल आधी मात्रा में गैस भरी जाएगी। यह व्यवस्था शुक्रवार से लागू की जाएगी। उनके अनुसार यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया जा रहा है ताकि मौजूदा गैस भंडार अधिक समय तक चल सके और देश में अचानक किल्लत पैदा न हो।
मकसद ऊर्जा बचाना है
कॉर्पोरेशन ने कहा कि नया नियम घरेलू और होटल और रेस्टोरेंट यूजर्स दोनों पर लागू होगा। साथ ही, यह भी कहा कि इस कदम का मकसद ऊर्जा बचाना है, हालांकि आयात पर कोई असर नहीं पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन की बोर्ड मीटिंग में गुरुवार को यह फैसला लिया गया। इसमें 2015 और 2020 के दौर को याद किया गया। फिर उस समय अपनाए गए उपायों को दोहराया गया जब देश में कुकिंग गैस की बहुत ज्यादा कमी हो गई थी।
कुकिंग गैस बेचने का फैसला किया
नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन के डिप्टी डायरेक्टर मनोज कुमार ठाकुर ने कहा, “इंडस्ट्री मिनिस्ट्री और कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने हफ्तों तक कुकिंग गैस सिलेंडर न मिलने की कस्टमर्स की शिकायतें बढ़ने के बाद चर्चा की। कॉर्पोरेशन ने शुक्रवार से आम 14.2 किलोग्राम के बजाय 7.1 किलोग्राम कुकिंग गैस बेचने का फैसला किया है।”
सरकार ने कई बार यह भरोसा दिलाया है कि नेपाल के पास फिलहाल एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति है, लेकिन इसके बावजूद लोगों में कमी की आशंका के कारण घबराहट देखी जा रही है। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग खाली सिलेंडर लेकर गैस भरवाने के लिए रिफिलिंग प्लांटों के बाहर पहुंच रहे हैं।
प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है
देश के विभिन्न हिस्सों में गैस रिफिलिंग केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई स्थानों पर लोग घंटों इंतजार कर रहे हैं ताकि वे अपने घरों के लिए गैस सिलेंडर भरवा सकें। सरकार का कहना है कि यदि इस तरह की घबराहट बनी रही तो आपूर्ति प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।