
नेपाल पर्यटन बोर्ड (एनटीबी) की ओर से जारी नए आंकड़ों के अनुसार, 2025 के पहले 10 महीनों के दौरान नेपाल में भारतीय पर्यटकों के आगमन की संख्या में गिरावट आई है। हालांकि, कुल विदेशी पर्यटकों की संख्या में मामूली सी वृद्धि हुई है।
पर्यटन उद्योग के लिए सबसे बड़ा स्रोत बाजार बना
भारत नेपाल के पर्यटन उद्योग का पहले काफी बड़ा था। ये हिमालयी राष्ट्र में आने वाले कुल अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का एक-चौथाई हिस्सा रहा है। आंकड़ों की माने तो इस साल जनवरी से अक्टूबर के बीच दक्षिणी पड़ोसी देश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में घिरावट रहेगी। ये साल-दर-साल 11 प्रतिशत घटा है। ये 2,43,350 रह गई। हालांकि, कुल विदेशी पर्यटकों का आगमन 0.3 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी के साथ 9,43,716 हो गया है।
पर्यटन उद्योग के लिए दूसरा सबसे बड़ा स्रोत
इसी बीच एक अन्य पड़ोसी देश चीन से आने वाले पर्यटकों की संख्या में 5.3 प्रतिशत की गिरावट सामने आई है। यह संख्या 78,929 रह गई। चीन वर्तमान में नेपाल का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत माना गया है। यह कोविड के वक्त से पहले नेपाल के पर्यटन उद्योग को लेकर दूसरा बड़ा स्रोत माना गया था।
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पर्यटकों के आगमन में गिरावट
पर्यटन उद्यमियों का कहना है कि भारतीय पर्यटकों के आगमन में गिरावट की वजह जेन-जी आंदोलन का प्रभाव है। सितंबर की शुरुआत में हुए जेन-जी आंदोलन में 70 से अधिक लोग मारे गए। वहीं कई घायल हुए। बड़े पैमाने पर सरकारी और निजी संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा। हयात रीजेंसी और हिल्टन समेत विदेशी ब्रांड के होटलों को हिंसक विरोध प्रदर्शनों से बहुत नुकसान पहुंचा। हिल्टन होटल में आग लगा दी गई। वहीं हयात होटल रखरखाव के लिए बंद कर दिया गया है।
पर्यटकों के चार समूहों ने किया विरोध प्रदर्शनों
भारतीय और अन्य विदेशी पर्यटकों के लिए यात्राएं आयोजित करने वाली कंपनियों का कहना है कि नेपाल जाने की तैयारी कर रहे भारतीय पर्यटकों के चार समूहों ने विरोध प्रदर्शनों के कारण अपनी यात्राएं रद्द कर दीं। उन्हें सड़क मार्ग से नेपाल पहुंचना था। उन्होंने अपनी यात्रा की योजना रद्द कर दी।