Amaal Mallik ने हाल ही में बॉलीवुड इंडस्ट्री को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने संगीत जगत में नई बहस छेड़ दी है। अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले अमाल ने दावा किया कि इंडस्ट्री के कुछ प्रभावशाली लोगों ने उन्हें करीब 60 फिल्मों से बाहर करवाया। उनका कहना है कि फिल्मी परिवार से आने के बावजूद उन्हें संघर्ष और राजनीति का सामना करना पड़ा.
“इंडस्ट्री में टैलेंट से ज्यादा लॉबी चलती है”
अमाल मलिक ने बातचीत के दौरान कहा कि बॉलीवुड में सिर्फ प्रतिभा होना काफी नहीं है। कई बार कलाकारों को बड़े बैनर और खास कैंप की राजनीति का नुकसान उठाना पड़ता है. उन्होंने बताया कि कई फिल्मों में काम लगभग तय होने के बाद अचानक उन्हें प्रोजेक्ट से हटा दिया गया। इसकी वजह व्यक्तिगत समीकरण और इंडस्ट्री के अंदर की लॉबिंग बताई गई.
संगीतकार ने कहा कि जब किसी कलाकार का करियर अच्छा चलने लगता है, तब कुछ लोग उसे रोकने की कोशिश करते हैं। उनके मुताबिक, कई बार उन्हें यह महसूस कराया गया कि वह इंडस्ट्री के “फेवरेट ग्रुप” का हिस्सा नहीं हैं.
“नेपोटिज्म का टैग मिला, लेकिन फायदा नहीं”
अमाल मलिक मशहूर संगीत परिवार से आते हैं। वह Anu Malik के भतीजे और Daboo Malik के बेटे हैं। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि उन्हें कभी परिवारिक पहचान का खास लाभ नहीं मिला। उल्टा, कई लोगों ने उन्हें “नेपोटिज्म प्रोडक्ट” कहकर आलोचना की।.
अमाल का कहना है कि लोग मान लेते हैं कि फिल्मी परिवार से जुड़े कलाकारों को सब कुछ आसानी से मिल जाता है, जबकि वास्तविकता इससे अलग होती है। उन्होंने कहा कि उन्हें हर मौके के लिए खुद मेहनत करनी पड़ी और कई बार बिना वजह प्रोजेक्ट्स से बाहर किया गया.
मानसिक दबाव और संघर्ष पर भी की बात
संगीतकार ने यह भी स्वीकार किया कि लगातार रिजेक्शन और इंडस्ट्री की राजनीति का असर उनकी मानसिक स्थिति पर पड़ा। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब उन्हें लगने लगा था कि मेहनत का कोई मतलब नहीं रह गया है। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और अपने काम पर ध्यान बनाए रखा. अमाल ने कहा कि कलाकारों के लिए मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना जरूरी है। उनके मुताबिक, ग्लैमर की दुनिया बाहर से जितनी चमकदार दिखती है, अंदर उतनी ही कठिन और प्रतिस्पर्धात्मक होती है.
फैंस ने किया समर्थन
अमाल मलिक के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर फैंस उनकी खुलकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने इंडस्ट्री की सच्चाई सामने रखने की हिम्मत दिखाई है। वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि बॉलीवुड में ग्रुपिज्म और कैंप कल्चर लंबे समय से मौजूद है, जिसका असर नए और प्रतिभाशाली कलाकारों पर पड़ता है.
अमाल मलिक ने अपने करियर में कई लोकप्रिय गाने दिए हैं और आज भी वह युवा संगीतकारों में खास पहचान रखते हैं. उनके इस बयान ने एक बार फिर बॉलीवुड में नेपोटिज्म, लॉबिंग और कलाकारों के संघर्ष को चर्चा के केंद्र में ला दिया है.