
संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने पक्ष को सामने रखने वाले हैं। वे इन मामलों पर विरोधियों को घेरेंगे। इसका संकेत न्यूयॉर्क के लिए रवाना होने से पहले दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे अपने सच को सामने रखेंगे। फिलिस्तीन को मान्यता देने वालों निंदा करेंगे।
नेतन्याहू ने गुरुवार सुबह बेन गुरियन हवाई अड्डे के टर्मिनल पर संदेश दिया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में वे अपना सच सामने रखेंगेब। इजरायल के नागरिकों के बारे में सच, हमारे आईडीएफ सैनिकों के बारे में सच और हमारे देश को सच्चाई को पेश करेंगे।
ट्रंप के साथ मुलाकात का मुद्दा छाया
उन्होंने आगे कहा, वे उन नेताओं की निंदा करेंगे जो हत्यारों, बलात्कारियों और बच्चों को जलाने वालों राकी निंदा करने के बजाय, उन्हें इजरायल की धरती के बीचों-बीच एक जगह देने का प्रयास कर रहे हैं। मगर ऐसा नहीं होगा।
संकेत स्पष्ट है कि फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप से मान्यता का मुद्दा, संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर अन्य नेताओं के साथ नेतन्याहू की बैठकों और सोमवार को वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात का मुद्दा छाया रहने वाला है।
नेतन्याहू काफी आक्रमक रूप दिखाई दिए
मी़डिया रिपोर्ट के अनुसार, विमान में सवार होने से पहले नेतन्याहू काफी आक्रमक रूप में दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि वह और ट्रंप गाजा में युद्ध, जून में ईरान के साथ इजरायल के 12-दिवसीय हवाई युद्ध और अन्य सैन्य संघर्षों के परिणामस्वरूप उत्पन्न हालातों पर चर्चा करने वाले हैं। इसमें मध्य पूर्व के अन्य देशों के साथ रिश्तों में सुधार की संभावना को रखा गया है।
नेतन्याहू ने कहा, वाशिंगटन में वे चौथी बार राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने वाले हैं। उनके साथ जीत से पैदा अवसरों और युद्ध के लक्ष्यों पर चर्चा होगी। इजरायली पीएम के अनुसार, इजरायली बंधकों की वापसी, हमास की हार के बाद ऑपरेशन राइजिंग लायन (ईरान के खिलाफ) की ऐतिहासिक जीत के साथ अन्य जीत के बाद शांति के चक्र को स्थापित करने मे उनका जोर रहने वाला है।