इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार की रात हिज्बुल्लाह के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए हमले किए। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अपने सैनिकों और क्षेत्र पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने हमलों को जवाबी कार्रवाई बताते हुए कहा कि हिज्बुल्लाह को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''युद्धविराम का खुला उल्लंघन करते हुए हिज्बुल्लाह की ओर से किए गए इस घिनौने हमले के बाद, मैंने गुरुवार की रात ही आईडीएफ को हिज्बुल्लाह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
दर्जनों लड़ाकों को मार गिराया
आईडीएफ ने 80 से अधिक ठिकानों पर हमले किए और दर्जनों लड़ाकों को मार गिराया। इसके बाद शुक्रवार सुबह आईडीएफ ने बेका घाटी में हिज्बुल्लाह के कमांड पोस्टों को भी निशाना बनाया। सुबह मैंने रक्षा मंत्री और चीफ ऑफ जनरल स्टाफ के साथ स्थिति की समीक्षा की।''
जल्द स्वस्थ होने की भी कामना
नेतन्याहू ने कहा, "मैं आर्मर्ड कॉर्प्स की 52वीं बटालियन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल डोर गेदालिया बेन सिम्होन और उन तीन वीर सैनिकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं, जिनके नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। ईश्वर उनकी शहादत का न्याय करे। मैं गुरुवार को हुई गोलीबारी में घायल हुए लोगों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना करता हूं।"
हिज्बुल्लाह को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी
नेतन्याहू ने कहा कि मेरा निर्देश बिल्कुल साफ है, इजरायल अपने सैनिकों या अपनी भूमि पर होने वाले हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा। इन हमलों की हिज्बुल्लाह को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि आईडीएफ हमारी सेना और हमारे क्षेत्र के लिए पैदा होने वाले किसी भी खतरे को रोकने के लिए कार्रवाई करती रहेगी। जैसा कि मैंने गुरुवार को भी पूरी स्पष्टता के साथ कहा था, इजरायल दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में तब तक बना रहेगा, जब तक उत्तरी इलाकों के समुदायों की सुरक्षा के लिए इसकी आवश्यकता होगी।