Benjamin Netanyahu UN Speech 2026: संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संबोधन के दौरान उस वक्त सबकी नजरें उन पर टिक गईं, जब उन्होंने मंच से एक छोटा सा पेजर उठाकर दिखाया। उनके इस इशारे का सीधा संबंध सितंबर 2024 में लेबनान में हुए उन धमाकों से था, जिनमें हिज्बुल्लाह के इस्तेमाल किए जाने वाले पेजर और बाद में वॉकी-टॉकी निशाना बने थे। नेतन्याहू के भाषण के दौरान कई देशों के प्रतिनिधि विरोध जताते हुए अपनी सीटों से बाहर चले गए। इसके बावजूद उन्होंने अपना संबोधन जारी रखा। इसी दौरान पेजर हाथ में लेते हुए उन्होंने 2024 के हमलों की याद दिलाई और कहा कि हिज्बुल्लाह को ये उपकरण निश्चित तौर पर याद होंगे।
आखिर पेजर दिखाने की क्या थी वजह?
पेजर एक छोटा संचार उपकरण है, जिसका इस्तेमाल मोबाइल फोन के दौर से पहले डॉक्टरों, पुलिसकर्मियों और दूसरे जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों तक संदेश पहुंचाने के लिए किया जाता था। हिज्बुल्लाह ने भी मोबाइल नेटवर्क और लोकेशन ट्रैकिंग से बचने के लिए ऐसे कम तकनीक वाले संचार साधनों का इस्तेमाल किया था। नेतन्याहू ने इसी पुराने उपकरण को अपने भाषण में प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया। उनका मकसद 2024 की उस कार्रवाई को याद दिलाना था, जिसे इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष के दौरान एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना गया।
सितंबर 2024 में क्या हुआ था?
17 सितंबर 2024 को लेबनान और सीरिया के कुछ इलाकों में हिज्बुल्लाह से जुड़े लोगों के पास मौजूद बड़ी संख्या में पेजर अचानक फटने लगे। अगले दिन इसी तरह की घटनाओं में वॉकी-टॉकी भी निशाना बने। इन घटनाओं में बड़ी संख्या में लोग मारे गए और हजारों घायल हुए। अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों और घायलों के आंकड़ों में अंतर मिलता है। कई घायलों को हाथों, आंखों और शरीर के दूसरे हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। घटनाओं के बाद इस कार्रवाई की जिम्मेदारी को लेकर इजरायल पर व्यापक रूप से आरोप लगाए गए। इसे हिज्बुल्लाह के संचार नेटवर्क को निशाना बनाने वाली एक असाधारण गुप्त कार्रवाई के तौर पर देखा गया।
हमले ने हिज्बुल्लाह की संचार व्यवस्था को कैसे प्रभावित किया?
पेजर धमाकों का असर सिर्फ जान-माल के नुकसान तक सीमित नहीं रहा। इस घटना ने हिज्बुल्लाह के उन संचार उपकरणों को भी निशाना बनाया, जिन्हें संगठन इजरायल की निगरानी और आधुनिक संचार माध्यमों से बचने के लिए इस्तेमाल कर रहा था। इसके बाद इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष और ज्यादा गंभीर दौर में पहुंच गया। बाद के घटनाक्रम में हिज्बुल्लाह के शीर्ष नेता हसन नसरल्लाह की मौत और दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई भी शामिल रही।
पेजर ऑपरेशन को लेकर क्या सामने आया?
हमलों के बाद कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया कि हिज्बुल्लाह के लिए खरीदे गए पेजरों में पहले से छेड़छाड़ की गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, इन उपकरणों को संगठन तक पहुंचने से पहले ही एक गुप्त ऑपरेशन के तहत तैयार किया गया था। इस पूरे मामले में इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद की भूमिका की रिपोर्टें सामने आईं, हालांकि इजरायल ने लंबे समय तक सार्वजनिक तौर पर इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की थी। 2026 में UN के मंच पर नेतन्याहू का पेजर दिखाना इस पुराने घटनाक्रम को फिर से अंतरराष्ट्रीय चर्चा में ले आया।
दो साल बाद फिर क्यों चर्चा में आया 2024 का हमला?
नेतन्याहू के लिए पेजर महज एक पुराना संचार उपकरण नहीं था। UN महासभा में इसे दिखाकर उन्होंने इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों और हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपने रुख को रेखांकित करने की कोशिश की। उनके भाषण में क्षेत्रीय संघर्ष और इजरायल की सैन्य कार्रवाई प्रमुख मुद्दों में रहे। यही वजह रही कि मंच पर एक छोटे से पेजर ने नेतन्याहू के पूरे संबोधन के दौरान खासा ध्यान खींचा और सितंबर 2024 की उस घटना की याद ताजा कर दी, जिसने लेबनान में हिज्बुल्लाह के संचार नेटवर्क को बड़ा झटका दिया था।