
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकल्प लिया कि जब तक सभी बंधक वापस नहीं आ जाते हैं, जब तक इजरायल गाजा समझौते के बाकी भागों पर किसी तरह कोई समझौता नहीं होने वाला है। उन्होंने यरूशलम में आयोजित एक बैठक में ये बातें रखीं। गाजा में शहीद सैनिक परिवारों का नेतृत्व करने वाले दक्षिणपंथी ग्वुरा फोरम के सदस्यों से बातचीत में पीएम प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा युद्धविराम योजना का किसी भी अन्य पहलू तब तक आगे नहीं बढ़ेगा, जब तक सभी बंधकों की रिहाई नहीं हो जाती।
तय समय सीमा में बंधकों की रिहाई हो
नेतन्याहू ने इस दौरान वादा किया कि जब पहला क्लॉज-सभी बंधकों की रिहाई, जीवित और मृत (यहां मतलब मृतकों के शव से है) नहीं हो जाती और सभी बंधकों को इजरायली क्षेत्र में स्थानांतरित नहीं करा जाता है, हम किसी अन्य क्लॉज पर आगे नहीं बढ़ने वाले हैं। उन्होंने कहा कि अगर हमास राष्ट्रपति ट्रंप की तय समय सीमा बंधकों की रिहाई नहीं करता है तो इजरायल सभी संबंधित देशों के पूर्ण समर्थन के साथ गाजा पर फिर से आक्रामक हो सकता है।
गाजा पट्टी का संचालन नहीं करेगी
यरूशलम में 40 मिनट की बैठक में उन्होंने समूह से कहा, राष्ट्रपति ट्रंप का दबाव बढ़ रहा है। ट्रंप तय समय से अधिक इंतजार करने से पीछे नहीं हटेंगे। इस बार वह दृढ़ हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने यह भी वादा किया है कि युद्ध के बाद फिलिस्तीनी अथॉरिटी (पीए) गाजा पट्टी का संचालन नहीं करने वाले हैं। उन्होंने कहा, हमास या पीएम का किसी भी तरह का प्रतिनिधि पट्टी के नियंत्रण में शामिल नहीं होगा।
हालांकि द टाइम्स ऑफ इजरायल ने दावा किया कि नेतन्याहू के इस बयान पर उनके कार्यालय ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। ट्रंप की 20-सूत्रीय योजना में निर्धारित शर्तों के अनुसार, पीए को गाजा पर फिर से शासन करने से पहले कई सुधार करने होंगे, वो भी तब जब उसे अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी हमास के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। नेतन्याहू ने इस बात पर भी जोर दिया कि गाजा के विसैन्यीकरण की जिम्मेदारी इजरायल की होगी।