दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए संशोधित ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू कर दिया गया है। वायु गुणवत्ता खराब होने के साथ इसके अलग-अलग चरणों के तहत पाबंदियां बढ़ती जाएंगी। नए GRAP में पार्किंग शुल्क, निर्माण गतिविधियों, वाहनों और स्कूलों से जुड़े कई प्रावधान शामिल किए गए हैं। खास बात यह है कि प्रदूषण की स्थिति गंभीर होने पर दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों को घर से काम कराने और स्कूली बच्चों के लिए हाइब्रिड पढ़ाई की व्यवस्था का प्रावधान रखा गया है।
AQI बढ़ने पर चरणबद्ध तरीके से बढ़ेंगी पाबंदियां
संशोधित GRAP में प्रदूषण की स्थिति को चार चरणों में बांटा गया है। जैसे-जैसे दिल्ली का औसत AQI खराब श्रेणी की ओर बढ़ेगा, संबंधित चरण के तहत अतिरिक्त कदम लागू होंगे। CAQM के नए प्लान में कुल 48 एक्शन प्वाइंट बताए गए हैं। इनमें धूल नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, यातायात और निर्माण गतिविधियों की निगरानी जैसे उपाय शामिल हैं। यानी किसी एक दिन AQI बढ़ने पर सभी पाबंदियां एक साथ लागू नहीं होंगी, बल्कि निर्धारित चरण के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
50 फीसदी स्टाफ को घर से काम का प्रावधान
GRAP के गंभीर चरणों में दिल्ली-NCR के सार्वजनिक, नगर निकाय और निजी कार्यालयों में 50 फीसदी क्षमता के साथ काम कराने तथा बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या और आवागमन से होने वाले प्रदूषण को कम करना है। हालांकि यह व्यवस्था AQI की स्थिति और संबंधित GRAP चरण लागू होने पर ही प्रभावी होगी। जरूरी सेवाओं और संबंधित विभागों के लिए अलग व्यवस्थाएं लागू हो सकती हैं।
स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई, बच्चों को ऑनलाइन विकल्प
वायु गुणवत्ता गंभीर होने पर स्कूलों में हाइब्रिड शिक्षा का विकल्प भी लागू किया जा सकता है। GRAP के प्रावधानों के तहत दिल्ली तथा गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर जैसे NCR जिलों में कक्षा V तक के बच्चों के लिए शारीरिक और ऑनलाइन, दोनों माध्यमों से पढ़ाई की व्यवस्था की जा सकती है। अत्यधिक गंभीर स्थिति यानी GRAP के उच्चतम चरण में कक्षा VI से IX और XI तक के विद्यार्थियों के लिए भी हाइब्रिड मोड का प्रावधान है। ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प उपलब्ध होने पर इसे चुनने का अधिकार विद्यार्थियों और अभिभावकों को दिया गया है।
पार्किंग महंगी, वाहनों और निर्माण पर भी नजर
नए GRAP में पार्किंग शुल्क बढ़ाने, धूल पैदा करने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने जैसे उपाय भी शामिल हैं। प्रदूषण बढ़ने पर दिल्ली में ट्रकों और कुछ श्रेणियों के पुराने या अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लागू हो सकते हैं। संशोधित योजना का उद्देश्य प्रदूषण बढ़ने के बाद केवल तत्काल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अलग-अलग स्तर पर पहले से निर्धारित उपायों के जरिए स्थिति को नियंत्रित करना है।