नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास को ध्यान में रखते हुए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। स्टेशन को आधुनिक बनाने की योजना के चलते यहां से चलने वाली करीब 30 ट्रेनों को शहर के अन्य रेलवे स्टेशनों पर शिफ्ट करने की तैयारी की गई है। इस प्रस्ताव को उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने रेलवे बोर्ड को भेज दिया है और मंजूरी मिलते ही इसे लागू किया जाएगा।
चार साल तक बदल सकता है सफर का पैटर्न
अधिकारियों के मुताबिक, स्टेशन के पुनर्विकास में करीब चार साल का समय लग सकता है। ऐसे में इस अवधि के दौरान ये ट्रेनें नई दिल्ली के बजाय दूसरे निर्धारित स्टेशनों से संचालित होंगी। संभावना है कि त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही इस बदलाव को लागू कर दिया जाए, ताकि भीड़भाड़ को नियंत्रित किया जा सके।
निजामुद्दीन स्टेशन से चलेंगी ये प्रमुख ट्रेनें
हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन को कई अहम ट्रेनों का नया ठिकाना बनाया जा सकता है। प्रस्ताव के अनुसार नई दिल्ली-रानी कमलापति शताब्दी (भोपाल शताब्दी), ताज एक्सप्रेस और डॉ. अम्बेडकर नगर सुपरफास्ट एक्सप्रेस को यहां से चलाने की योजना है। इससे नई दिल्ली स्टेशन पर दबाव कम करने की कोशिश की जाएगी।
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आनंद विहार और शकूरबस्ती पर बढ़ेगा भार
आनंद विहार टर्मिनल और शकूरबस्ती स्टेशन को भी इस योजना में अहम भूमिका दी गई है। देहरादून शताब्दी, काठगोदाम शताब्दी और प्रयागराज हमसफर जैसी ट्रेनों को आनंद विहार शिफ्ट करने की तैयारी है। वहीं पूर्वा एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस और बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस को शकूरबस्ती से चलाने का प्रस्ताव है।
अन्य स्टेशनों पर भी बढ़ेगी गतिविधि
इसके अलावा सफदरजंग रेलवे स्टेशन को भी इस योजना में शामिल किया गया है। बरौनी और दरभंगा जाने वाली स्पेशल ट्रेनों को यहां से चलाने की तैयारी है। इस बदलाव का उद्देश्य राजधानी के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन पर भीड़ को कम करना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना है। आने वाले समय में यात्रियों को अपनी ट्रेन के नए स्टेशन की जानकारी पहले से लेकर ही सफर की योजना बनानी होगी।