राज्यसभा में सांसदों के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें उन्हें अपने भाषणों के अंत में 'थैंक्स','जय हिंद' और 'वंदे मातरम' जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं करने को कहा गया है। यह निर्देश सदन में अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों का हिस्सा है। इसके साथ अन्य निर्देश भी दिए गए हैं। सदन में तख्तियां लेकर प्रदर्शन न करने। असंसदीय शब्दों का प्रयोग नहीं करना बताया गया है। वहीं सदन में शांति बनाए रखना अनिवार्य है। इसके साथ सभापति के बोलते समय सदन को नहीं छोड़ने की सख्त हिदायत दी गई है। इन निर्देशों का उद्देश्य संसद की गरिमा और अनुशासन को बनाए रखना के लिए है।
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राज्यसभा के इस कदम का जोरदार विरोध
इन निर्देशों के बाद विपक्ष बिफर गया। उसने जोरदा विरोध किया है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जय हिंद और वंदे मातरम बोलने से मना करने को बंगाली अस्मिता से जोड़कर हमला किया है। दूसरी ओर भाजपा ने इस विवाद पर संयत प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के अनुसार, राज्यसभा के निर्देशों में ये कई नई बात नहीं है। ये संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं।
चेयर के फैसलों की आलोचना न करें
इस बीच भाजपा का तर्क सामने आया है। उसने कहा, शपथ ग्रहण के समय जय हिंद और वंदे मातरम बोलने की परंपरा तो है मगर भाषण खत्म करते हुए ऐसे उद्घोष करना कई बार कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न करता है। ऐसे में बुलेटिन में दिए गए निर्देश पूरी तरह से उचित कहा। आपको बता दें कि राज्यसभा के बुलेटिन में यह बात सामने आई है कि सांसद सदन के अंदर या बाहर चेयर के निर्णय की ओलना नहीं करना चाहिए।