उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नक्शे पर कानपुर जल्द ही एक नए पहचान के साथ उभरेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदृष्टि और निर्णायक नेतृत्व में कानपुर को इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. सरकार की इस महत्त्वाकांक्षी योजना से जहां शहर का औद्योगिक चेहरा बदलेगा, वहीं हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे.
भीमसेन गांव के पास बनेगा अत्याधुनिक ईवी पार्क
कानपुर के भीमसेन गांव के निकट 500 एकड़ क्षेत्रफल में आधुनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल पार्क की स्थापना की योजना तैयार की गई है. इस परियोजना को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDC) द्वारा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (DFCC) के निकट विकसित किया जाएगा, जिससे बेहतर लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सकेगी.
700 करोड़ की लागत, पीपीपी मॉडल पर होगा निर्माण
इस ईवी पार्क परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 700 करोड़ रुपये है और इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा. यह मॉडल निवेशकों को आकर्षित करने के साथ-साथ सरकार के वित्तीय भार को भी कम करेगा.
उद्योगों का केंद्र बनेगा पार्क
ईवी पार्क में इलेक्ट्रिक मोटर, चेसिस, स्टील पार्ट्स, लिथियम-आयन सेल और बैटरी असेंबली यूनिट सहित कई प्रमुख इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी. इसके अतिरिक्त चार्जर, कंट्रोलर और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के उत्पादन की उन्नत सुविधाएं भी इस पार्क का हिस्सा होंगी.
आरएंडडी सेंटर और एमएसएमई क्लस्टर को मिलेगा बढ़ावा
परियोजना के तहत एक अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास केंद्र भी स्थापित किया जाएगा, जो ईवी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में इनोवेशन को बढ़ावा देगा. वहीं एक E V सपोर्ट क्लस्टर भी विकसित किया जाएगा, जो आसपास के छोटे और मझोले उद्यमों को ईवी पुर्जों के निर्माण में सहायता प्रदान करेगा.
रोजगार और आर्थिक प्रगति की नई राह
इस ईवी पार्क की स्थापना से कानपुर न केवल ईवी निर्माण का एक बड़ा औद्योगिक हब बनेगा, बल्कि इस परियोजना से हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है. यह क्षेत्रीय आर्थिक विकास के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा.
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज़ी पर
प्रोजेक्ट को धरातल पर लाने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. अधिग्रहण पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
योगी सरकार की इस रणनीतिक पहल से न सिर्फ कानपुर के औद्योगिक विकास को नई उड़ान मिलेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश पूरे देश में ईवी निर्माण के एक मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित हो सकेगा. यह योजना राज्य को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में और करीब लाने वाली साबित हो सकती है.