एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए गैस सिलेंडर से जुड़े कुछ अहम नियम अपडेट किए गए हैं। इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल एलपीजी कनेक्शन की बुकिंग, रिफिल और सरेंडर प्रक्रिया में बदलाव किए हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य गैस की आपूर्ति को बेहतर बनाना, कालाबाजारी पर रोक लगाना और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) व्यवस्था के साथ समन्वय स्थापित करना है। यदि इन नियमों का पालन नहीं किया गया, तो कुछ मामलों में गैस कनेक्शन ब्लॉक या बंद भी किया जा सकता है।
शहरों में लागू हुआ 25 दिन का नियम
नए नियमों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में रहने वाले घरेलू उपभोक्ता एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद अगले 25 दिनों से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं करा सकेंगे। यह नियम 5 किलोग्राम, 10 किलोग्राम और 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडरों पर लागू होगा। इसका उद्देश्य अनावश्यक बुकिंग को रोकना और सभी उपभोक्ताओं तक समय पर गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 45 दिन की समय सीमा
ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए यह अवधि 45 दिन तय की गई है। यानी गांव में रहने वाले ग्राहक पिछले सिलेंडर की डिलीवरी या बुकिंग के 45 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक कर सकेंगे। कंपनियों का कहना है कि इससे गैस की सप्लाई बेहतर तरीके से प्रबंधित होगी और अनियमित उपयोग पर रोक लगेगी।
ये भी पढ़ें : IRCTC की नई वेबसाइट से बदलेगा टिकट बुकिंग का अनुभव, कैप्चा झंझट खत्म, बुकिंग होगी पहले से कहीं तेज
PNG लेने वालों के लिए 30 दिन का नियम
यदि किसी उपभोक्ता ने अपने घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन ले लिया है, तो उसे PNG सेवा शुरू होने के 30 दिनों के भीतर अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। निर्धारित समय के भीतर ऐसा नहीं करने पर संबंधित कनेक्शन को ब्लॉक किए जाने या अन्य कार्रवाई की संभावना हो सकती है। हालांकि, समय पर एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने वाले उपभोक्ताओं को ट्रांसफर वाउचर दिया जाएगा, जिसकी मदद से भविष्य में PNG सुविधा न होने वाले क्षेत्र में दोबारा एलपीजी कनेक्शन आसानी से बहाल कराया जा सकेगा।
सिलेंडर सरेंडर करने की प्रक्रिया
एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने के लिए संबंधित गैस कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए उपभोक्ता को एलपीजी सब्सक्रिप्शन वाउचर, पहचान पत्र, बैंक खाते का विवरण, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद गैस एजेंसी का प्रतिनिधि घर से सिलेंडर और रेगुलेटर वापस ले जाएगा तथा सुरक्षा जमा राशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपभोक्ता के बैंक खाते में लौटा दी जाएगी।