Cm Yogi Order IAS & IPS: उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी अफसरों और कर्मचारियों के लिए नया शासनादेश जारी किया है। इस आदेश के तहत अब अधिकारियों और कर्मचारियों को सांसदों और विधायकों का कार्यालयों में खड़े होकर स्वागत करना होगा, उन्हें पानी पूछना होगा और ससम्मान विदा करना होगा। साथ ही जनप्रतिनिधियों के फोन कॉल का जवाब देना और जरूरत पड़ने पर कॉल बैक करना भी अनिवार्य किया गया है। सरकार ने साफ कहा है कि आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों को सम्मान देने के निर्देश
मुख्य सचिव शशि गोयल की ओर से जारी शासनादेश में कहा गया है कि सांसदों और विधायकों को पूरा सम्मान दिया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ शिष्टाचारपूर्ण व्यवहार करें और उनके साथ सरकारी प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करें। शासन का मानना है कि जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को लेकर अधिकारियों तक पहुंचते हैं, इसलिए उनके साथ उचित व्यवहार होना जरूरी है।
फोन रिसीव करना होगा अनिवार्य
नए आदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों को सांसदों और विधायकों के मोबाइल नंबर अपने फोन में सेव करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी कारणवश कॉल रिसीव नहीं हो पाती है तो तुरंत संदेश भेजना होगा और बाद में कॉल बैक करना होगा। शासन ने यह भी कहा है कि जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाई गई समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए ताकि जनता को परेशानी न हो।
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पहले भी जारी हो चुके हैं कई आदेश
शासनादेश में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2017 से लेकर फरवरी 2026 तक इस विषय में करीब 15 आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठाते और उन्हें उचित सम्मान नहीं देते। सरकार ने इसे गंभीर मामला मानते हुए दोबारा सख्त निर्देश जारी किए हैं।
सरकार ने लिया फैसला
सूत्रों के अनुसार, कई सांसद और विधायक लंबे समय से यह शिकायत कर रहे थे कि अधिकारी उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेते। यह मुद्दा विधानसभा में भी कई बार उठ चुका है। लगातार मिल रही शिकायतों और प्रोटोकॉल के पालन में लापरवाही को देखते हुए राज्य सरकार ने यह नया आदेश लागू किया है, ताकि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।