New political calculations: मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चर्चाएं हैं कि इस बार समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं और बीजेपी किसी नए राजनीतिक संतुलन की ओर बढ़ सकती है। अटकलें यह भी हैं कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बढ़ती मांगों के बीच बीजेपी वैकल्पिक समर्थन तलाश रही है, ताकि बीएमसी में अपनी पकड़ मजबूत रखी जा सके।
शिवसेना (UBT) और MNS की संभावनाएं
सियासी हलचल तब और बढ़ गई जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे की 100वीं जयंती पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा की। इसके बाद यह कयास लगाए जाने लगे कि बीजेपी, शिवसेना (UBT) और MNS किसी साझा रणनीति पर विचार कर सकते हैं। माना जा रहा है कि यह संभावित तालमेल मुंबई की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।
बदली राजनीति का संदेश
राज ठाकरे ने अपने बयान में यह साफ किया कि राजनीति में समय के साथ लचीलापन जरूरी है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों के अनुसार रुख बदलना गलत नहीं है, बशर्ते उद्देश्य जनहित हो। उनके इस बयान को मौजूदा राजनीतिक हालात में नए गठजोड़ की ओर इशारा माना जा रहा है।
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फ्लोर टेस्ट में अनुपस्थिति की अटकलें
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवसेना (UBT) फ्लोर टेस्ट के दौरान दूरी बना सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो बीजेपी के लिए मेयर पद के साथ-साथ स्टैंडिंग कमेटी और इम्प्रूवमेंट कमेटी जैसे अहम निकायों में बढ़त बनाना आसान हो सकता है। यह रणनीति शिंदे गुट को कमजोर करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
बहुमत से दूर सभी दल
227 सदस्यीय बीएमसी सदन में बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। शिवसेना (UBT) के पास 66, शिंदे गुट के पास 29 और कांग्रेस के पास 21 सीटें हैं। बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत है, जो फिलहाल किसी के पास नहीं है। ऐसे में मेयर चुनाव से पहले गठजोड़ और रणनीति ही सत्ता की दिशा तय करेगी।