रेलवे ने चेन पुलिंग की बढ़ती घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए नया नियम लागू कर दिया है। खासकर बागेश्वर धाम जाने वाले यात्रियों द्वारा लगातार की जा रही अनाधिकृत चेन पुलिंग से परेशान रेलवे अब मिनट के आधार पर जुर्माना वसूलेगा। नया प्रावधान कहता है कि बिना आपात स्थिति ट्रेन रोकना यात्रियों की जेब पर भारी पड़ेगा और उन्हें ट्रेन रुकने से हुए खर्च तक की भरपाई करनी होगी। इससे समयबद्ध संचालन में सुधार की उम्मीद है।
बिना वजह चेन पुलिंग अब पड़ेगी भारी
ट्रेनों की अलार्म चेन खींचकर गाड़ी रोकना अब रेल प्रशासन सख्त अपराध की तरह देख रहा है। कई यात्रियों द्वारा छोटी-छोटी बातों पर चेन खींचने से ट्रेनों का समय बिगड़ता रहा है और रेलवे को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। नए नियम के तहत अब हर अनावश्यक चेन पुलिंग पर सख्त वित्तीय कार्रवाई होगी।
मिनट के हिसाब से 8000 रुपये जुर्माना
रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 141 के अंतर्गत निर्धारित डिटेंशन चार्ज के अनुसार, ट्रेन के हर एक मिनट के ठहराव पर 8000 रुपये वसूले जाएंगे। पाँच मिनट की रुकावट पर जुर्माना 41 हजार रुपये तक पहुँच जाएगा। यदि इस रुकावट से अन्य ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित होता है तो कुल राशि 1 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। इसके अतिरिक्त 1000 रुपये का बेसिक जुर्माना अलग से देना होगा।
बागेश्वर धाम जाने वाली ट्रेनों में अधिक समस्या
दुरियागंज स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में बागेश्वर धाम के लिए जाने वाले यात्रियों द्वारा बिना स्टॉपेज चेन पुलिंग की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच कई बार ट्रेन को मनचाही जगह पर रोकने की कोशिश की जाती है, जिससे ट्रैकों पर जाम जैसी स्थिति बन जाती है और ट्रेनें घंटों लेट हो जाती हैं। इसी कारण नया नियम लागू करने की आवश्यकता महसूस की गई।
रेलवे को हो रहा लाखों का नुकसान
अनाधिकृत रूप से ट्रेन रुकने पर न केवल गाड़ी की स्पीड प्रभावित होती है, बल्कि क्रू टाइम, ईंधन, ट्रैक ब्लॉकेज और अन्य ट्रेनों की देरी जैसी परिस्थितियों के चलते रेलवे को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। अधिकारी मानते हैं कि यदि चेन पुलिंग पर लगाम न लगाई गई तो ट्रेनों का समयबद्ध संचालन असंभव हो जाएगा।
जागरूकता अभियान और सख्त निगरानी शुरू
रेलवे स्टेशनों पर घोषणाओं, पोस्टरों और कर्मचारियों की बढ़ी निगरानी के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। यात्रियों को साफ चेतावनी दी जा रही है कि अनावश्यक चेन पुलिंग अब भारी आर्थिक दंड में बदलेगी। रेलवे इस कदम से उम्मीद कर रहा है कि ट्रेनें समय पर चलेंगी और यात्रियों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी।