Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच में अब एक नया पहलू सामने आया है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच में मंदिर परिसर के सीसीटीवी कंट्रोल रूम और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारी अर्जुन देव की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नोटों की गिनती वाले कक्ष की निगरानी की जिम्मेदारी उनके पास थी और सुरक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
CCTV निगरानी और सुरक्षा पर सवाल
एसआईटी रिपोर्ट के मुताबिक, जिस काउंटिंग रूम में चढ़ावे की राशि की गिनती होती थी, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी अर्जुन देव के जिम्मे थी। जांच में यह देखा जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं चूक तो नहीं हुई। इसी आधार पर उनकी भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।
ट्रस्ट के कामकाज में भी था दखल
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अर्जुन देव अपनी मूल जिम्मेदारियों के अलावा मंदिर के अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी सक्रिय रहते थे। वीवीआईपी दर्शन की व्यवस्था से लेकर मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई कार्यों में उनकी भागीदारी की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि इन जिम्मेदारियों का सुरक्षा व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा।
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17 साल से एक ही जगह तैनाती
जांच में यह भी सामने आया है कि अर्जुन देव वर्ष 2009 से लगातार अयोध्या में तैनात हैं। इस दौरान उनके तबादले के कई आदेश जारी हुए, लेकिन वे लागू नहीं हो सके। रिपोर्ट में उनकी लंबी तैनाती और तबादला रुकने के कारणों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर
एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कई बिंदुओं पर सवाल उठाए हैं, जिनकी विस्तृत जांच जारी है। फिलहाल जांच एजेंसियां सभी संबंधित पक्षों की भूमिका का परीक्षण कर रही हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष और सक्षम अधिकारियों के निर्णय के आधार पर तय की जाएगी।