New rules on LPG supply: मौजूदा वैश्विक हालात के बीच एलपीजी और ईंधन सप्लाई को लेकर सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन सप्लाई चेन को सुचारु बनाए रखने के लिए कुछ बदलाव जरूरी हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और घबराहट में अतिरिक्त खरीदारी न करें।
डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा
सरकार ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से बचें और गैस बुकिंग के लिए ऑनलाइन माध्यम अपनाएं। वर्तमान में लगभग 94% बुकिंग डिजिटल हो रही है। मांग को नियंत्रित करने के लिए शहरी क्षेत्रों में गैस बुकिंग का अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन कर दिया गया है।
ईंधन की कमी नहीं
मंत्रालय के अनुसार, देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। उदाहरण के तौर पर 4 अप्रैल को देशभर में करीब 55 लाख एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की गई। इससे साफ है कि सप्लाई सामान्य बनी हुई है, हालांकि भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण सतर्कता बरती जा रही है।
यह भी देखेंःBaba Ramdev expressed his support: नाजुक वैश्विक हालात में मोदी की कूटनीति सही, बाबा रामदेव ने जताया समर्थन
मजदूरों के लिए भी व्यवस्था
सरकार ने घरेलू उपयोग के साथ-साथ अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रवासी मजदूरों को एलपीजी आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं होगी। जरूरत के अनुसार 5 किलो वाले सिलेंडरों का वितरण भी किया जा सकता है।
अफवाहों से बचने की अपील
एलपीजी की मांग कम करने के लिए सरकार पीएनजी, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे विकल्पों को बढ़ावा दे रही है। साथ ही अतिरिक्त केरोसिन और कोयले की आपूर्ति भी की जा रही है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऊर्जा की बचत करें, जमाखोरी से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।