अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नई जिम्मेदारियां तय होने के बाद गुरुवार को नवनियुक्त पदाधिकारियों की पहली अहम बैठक हुई। रामघाट स्थित कार्यशाला के श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र कार्यालय में आयोजित बैठक में मंदिर और ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में नए पदाधिकारियों ने एक-दूसरे से परिचय किया और ट्रस्ट के कामकाज, लेखा-जोखा तथा वित्तीय व्यवस्था से जुड़े विषयों की जानकारी ली।
बैठक में राम मंदिर के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, महासचिव गोविंद देवगिरी, कोषाध्यक्ष महेश भागचंद, ट्रस्टी मदन मोहन पांडे के साथ लेखा व्यवस्था से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। नई टीम के गठन के बाद हुई इस बैठक को आने वाले समय में ट्रस्ट के कामकाज की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक के बाद बाहर आए सीईओ जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि बैठक में सभी लोगों से परिचय हुआ और कई मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि आगे भी कई बैठकें होंगी। इन बैठकों के माध्यम से वह मंदिर और ट्रस्ट से जुड़ी व्यवस्थाओं तथा कार्यप्रणाली को पूरी तरह समझेंगे। इसके बाद वह औपचारिक रूप से अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे। मिश्रा ने कहा कि उन्हें प्रभु श्रीराम और रामभक्तों की सेवा का अवसर मिला है, जिसे वह अपना सौभाग्य मानते हैं।
ट्रस्ट में पदाधिकारियों के बदलाव के बाद वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैठक में लेखा-जोखा और लेखांकन प्रणाली से संबंधित जानकारी नए पदाधिकारियों को दी गई। माना जा रहा है कि आने वाली बैठकों में मंदिर की बढ़ती व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए जिम्मेदारियां और कार्ययोजना स्पष्ट की जाएगी।
राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति के बाद ट्रस्ट के कामकाज में पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।