Bengal politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए बड़ी चुनौती बनते नजर आ रहे हैं। हुमायूं कबीर ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में 182 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी का गठबंधन असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के साथ हो सकता है। इस घोषणा के बाद बंगाल के सियासी समीकरण बदलते दिख रहे हैं।
गठबंधन की तैयारी, ममता पर आरोप
हुमायूं कबीर ने कहा कि AIMIM और ISF के साथ उनकी बातचीत चल रही है और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने ममता बनर्जी पर मुस्लिम समुदाय के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। कबीर का कहना है कि वक्फ से जुड़े मुद्दों पर ममता सरकार ने समुदाय को गुमराह किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य बीजेपी को सत्ता में आने से रोकना है, लेकिन इसके लिए वे अलग राजनीतिक रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे। कबीर ने दावा किया कि आने वाले चुनावी नतीजे राज्य की राजनीति में सबको चौंका सकते हैं।
यह भी देखेंःCongress Foundation Day: कांग्रेस स्थापना दिवस पर हमला: जल-जंगल-जमीन और लोकतंत्र पर संकट का आरोप
31 दिसंबर को बड़ा ऐलान, चुनावी रणनीति साफ
हुमायूं कबीर ने बताया कि गठबंधन को लेकर अंतिम घोषणा 31 दिसंबर को की जाएगी। उन्होंने कहा कि बंगाल की राजनीति के भविष्य में उनकी पार्टी और ISF साथ आएंगे और अगर AIMIM भी इस मोर्चे में शामिल होती है तो उसका स्वागत किया जाएगा। हालांकि, सीट बंटवारे को लेकर फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। पहले उन्होंने 135 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही थी, लेकिन अब 182 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षाएं साफ कर दी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका यह कदम ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के लिए कितनी बड़ी चुनौती साबित होता है।