अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए दावे और आरोप सामने आ रहे हैं। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद अब आरोपी पक्ष के परिवार से जुड़ी एक महिला ने कई ऐसे आरोप लगाए हैं, जिन्होंने पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है। महिला का दावा है कि राम मंदिर में काम शुरू होने के बाद परिवार के कुछ सदस्यों की आर्थिक स्थिति अचानक बदल गई और कुछ ही वर्षों में मकान, प्लॉट, फार्म हाउस तथा महंगी गाड़ियों जैसी करोड़ों की संपत्तियां खड़ी हो गईं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां इन दावों की सत्यता की पड़ताल कर रही हैं।
महिला, जिसने स्वयं को आरोपी अनुकल्प मिश्रा की चाची बताया है, का कहना है कि जब वर्ष 2016 में उनकी शादी इस परिवार में हुई थी, तब परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी। लेकिन पिछले दो से तीन वर्षों में परिवार के कई सदस्यों की जीवनशैली में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिला। उनके अनुसार अनुकल्प मिश्रा ने कौशलपुरी क्षेत्र में लगभग 70 से 75 लाख रुपये का मकान खरीदा, जबकि उसके पिता रविंद्र मिश्रा ने भी अलग-अलग स्थानों पर संपत्तियां अर्जित कीं।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि परिवार ने गांव में एक फार्म हाउस बनवाया तथा हाल ही में बड़े स्तर पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कराया, जिस पर कथित तौर पर भारी खर्च किया गया। उनका कहना है कि परिवार के कई सदस्यों ने नई लग्जरी गाड़ियां भी खरीदीं। उन्होंने लवकुश मिश्रा पर शहादतगंज क्षेत्र में लगभग 40 लाख रुपये का प्लॉट खरीदकर मकान निर्माण शुरू कराने का भी आरोप लगाया।
महिला ने सवाल उठाया कि सीमित आय वाले परिवार के लोगों के पास इतने कम समय में इतनी बड़ी संपत्ति कहां से आई। उन्होंने आशंका जताई कि यह धन राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से जुड़ा हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह उनके व्यक्तिगत अनुभव और अवलोकन पर आधारित आरोप हैं, जिनकी जांच होना आवश्यक है।
महिला ने अपने पारिवारिक विवाद का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि वर्ष 2016 में विवाह के बाद पारिवारिक विवाद शुरू हो गया और 2017 से मामला न्यायालय में लंबित है। उनके अनुसार 2023 में उन्हें रहने के लिए घर में एक कमरा मिला था, लेकिन हाल ही में उसका ताला तोड़ दिया गया। उन्होंने पति पर बिना तलाक दूसरी शादी करने का आरोप भी लगाया।
महिला का यह भी दावा है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और उन्होंने इनायत नगर थाने में शिकायत दी, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
उल्लेखनीय है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी पहले ही आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। लगभग 80 लाख रुपये की बरामदगी हो चुकी है और सीसीटीवी फुटेज में कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
अब जांच एजेंसियों के सामने चुनौती इन नए आरोपों की तथ्यात्मक जांच कर यह पता लगाने की है कि कथित संपत्तियों का स्रोत क्या है और उनका इस मामले से कोई संबंध है या नहीं।