Delhi Bomb Blast: दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण बम धमाके में 15 लोगों की मौत और कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद देश में जांच तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले दोषियों को "पाताल से भी ढूंढ़ निकालेंगे।" फरीदाबाद में आयोजित नॉर्दर्न जोनल काउंसिल (NZC) की बैठक के दौरान उन्होंने यह बयान दिया। बैठक की शुरुआत में दिल्ली और नौगाम पुलिस स्टेशन विस्फोटों में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि भी दी गई। गृह मंत्री ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद को जड़ से समाप्त करना सबकी साझा प्रतिबद्धता है और दिल्ली बम दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी। दिल्ली पुलिस समेत कई बड़ी जांच एजेंसियां इस मामले में लगातार जांच कर रही हैं।
आत्मघाती हमलावर के सहयोगी गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले में आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन नबी के दो प्रमुख सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। NIA ने पहले धमाके की साजिश रचने वाले आमिर राशिद अली को गिरफ्तार किया था और अब आज श्रीनगर से उमर के एक और सहयोगी जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश को पकड़ा गया है। जासिर, जो अनंतनाग जिले के काजीगुंड का रहने वाला है, पर आतंकी वारदातों के लिए तकनीकी मदद देने का आरोप है। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं कि जासिर ड्रोन को मॉडिफाई करता था ताकि उन्हें हमले में इस्तेमाल किया जा सके और वह रॉकेट बनाने की कोशिश भी कर रहा था।
कड़ी सजा देकर दुनिया को संदेश
गिरफ्तार किए गए दोनों आतंकियों ने उमर उन नबी के साथ मिलकर इस घातक हमले की तैयारी की थी। गृह मंत्री अमित शाह ने 13 नवंबर को भी बयान दिया था कि इस धमाके में शामिल लोगों को ऐसी सजा दी जाएगी कि आगे से ऐसा हमला करने से पहले कोई सोचेगा। उन्होंने कहा था कि दी गई सजा दुनिया के लिए एक संदेश की तरह भी होगी। दिल्ली पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं, ताकि इस आतंकी मॉड्यूल के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके। सरकार इस बात पर अडिग है कि आतंकवाद के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।