
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की लखनऊ (U.P.) स्थित स्पेशल कोर्ट ने गुरुवार को पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर मौजूद बैन आतंकी संगठन अल कायदा की टेरर साजिश से जुड़े एक मामले में एक आरोपी को जेल और जुर्माने की सजा सुनाई।
5000 रुपये का जुर्माना लगाया
कोर्ट ने लखनऊ के मोहम्मद मोईद को पहले से जेल में बिताए गए समय, यानी 01 साल, 09 महीने और 13 दिन की सजा के साथ-साथ IPC की धारा 120B के साथ पढ़ी जाने वाली आर्म्स एक्ट की धारा 25 (1B)(a) के तहत 5000 रुपये का जुर्माना लगाया। आरोपी के अपना जुर्म कबूल करने के बाद कोर्ट ने यह सजा सुनाई।
मॉड्यूल बनाने के लिए भर्ती किया
इस मामले में बाकी पांच चार्जशीटेड आरोपियों के खिलाफ ट्रायल जारी है। यह मामला जुलाई 2021 में U.P. एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) द्वारा दो अल कायदा सदस्यों की गिरफ्तारी से जुड़ा है। ये गिरफ्तारियां अल कायदा के एक सदस्य उमर हलमंडी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर की गई थीं, जिसने खुद लखनऊ में कुछ लोगों की पहचान की थी और उन्हें इस क्षेत्र में अल-कायदा मॉड्यूल बनाने के लिए भर्ती किया था। उसने पुलिस को अल कायदा से जुड़े संगठन 'अंसार गजवतुल हिंद' (AGH) के बारे में भी बताया था - यह संगठन 15 अगस्त, 2021 से पहले U.P. के अलग-अलग शहरों, खासकर लखनऊ में कई आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने के लिए बनाया गया था।
गोला-बारूद दिलाने में मदद की थी
ATS से केस लेने के बाद NIA ने 5 जनवरी 2022 को पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी, और उसी साल अगस्त में एक और आरोपी के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की थी। NIA की जांच में पता चला था कि मोहम्मद मोइद ने दो अन्य आरोपियों, शकील और मोहम्मद मुस्तकीम के साथ मिलकर आरोपी मिन्हाज और मुशीरउद्दीन को AGH की आतंकी साज़िश को बढ़ावा देने के लिए हथियार और गोला-बारूद दिलाने में मदद की थी।