
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पलक्कड़ श्रीनिवासन हत्याकांड के मुख्य हमलावर के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। शामनाद ई.के.उर्फ शामनाद एलिक्कल पर एनआईए की विशेष अदालत, एर्नाकुलम (केरल) में दायर पूरक आरोपपत्र में आईपीसी और यूए (पी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।
फरार आरोपी को इस साल अप्रैल में एनआईए द्वारा तीन साल की लंबी तलाश के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी रखे हुए है। प्रतिबंधित पीएफआई के सशस्त्र कार्यकर्ताओं ने 2022 में पलक्कड़ में श्रीनिवासन की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस मामले में अब तक कुल 71 आरोपियों की पहचान हो चुकी है।
7 लाख रुपये का इनाम घोषित था
इस मामले में आरोपपत्र दायर किए जाने वाले 65वें आरोपी शमनाद पर 7 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जबकि वह गिरफ्तारी से बच रहा था। एनआईए की जाँच के अनुसार, वह प्रतिबंधित पीएफआई आतंकी संगठन का प्रशिक्षित कैडर और उसकी 'सर्विस विंग' का सदस्य था, जो आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ज़िम्मेदार था।
पीएफआई की साजिश का हिस्सा
एनआईए की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि श्रीनिवासन की नृशंस हत्या से पहले, आरोपियों ने मलप्पुरम ज़िले के विभिन्न पीएफआई केंद्रों, जैसे रंदाथानी स्थित मालाबार हाउस, मंजेरी स्थित ग्रीन वैली और अचिपिलक्कल स्थित पीएफआई कार्यालय में हथियार और शारीरिक प्रशिक्षण लिया था। यह हत्या 2047 तक भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने के नापाक एजेंडे के साथ आतंक फैलाने की पीएफआई की साजिश का हिस्सा थी।