दौराला। घने कोहरे के बीच बुधवार सुबह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) ट्रैक पर एक नीलगाय आ जाने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कोहरे के कारण लोको पायलट को दृश्यता न के बराबर थी और इसी दौरान नीलगाय ट्रैक पर आ गई। मालगाड़ी के चालक को नीलगाय दिखाई नहीं दी और ट्रेन की सीधी टक्कर से नीलगाय घायल हो गई। गनीमत यह रही कि समय रहते ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और नीलगाय को ट्रैक से हटाकर बड़ा हादसा होने से बचा लिया।
बता दें कि कोलकाता से अमृतसर तक बनाए गए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर अब मालगाड़ियां ही दौड़ती हैं। बुधवार सुबह क्षेत्र में घना कोहरा छाया हुआ था। इसी दौरान खेतों से भटककर एक नीलगाय ट्रैक पार करने लगी और अचानक मालगाड़ी की चपेट में आ गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल नीलगाय को ट्रैक से हटाया। इसके बाद ग्रामीणों ने न्यू सकौती स्टेशन के अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। सूचना पर पहुंची रेलवे की टीम ने घायल नीलगाय को उपचार के लिए भिजवाया।
ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रैक के आसपास सुरक्षा दीवार न होने के कारण आवारा पशु अक्सर लाइन पर पहुंच जाते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। लोगों का कहना है कि यदि नीलगाय दूसरे ट्रैक पर पहुंच जाती और किसी पैसेंजर ट्रेन से टकराव से बड़ा हादसा हो जाता।