Nimisha priya case: भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को यमन में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में सजा-ए-मौत सुनाई गई थी. हाल ही में भारत सरकार और धार्मिक नेताओं के प्रयास से उनकी फांसी पर अस्थायी रोक लगी थी, जिससे उम्मीद जगी थी कि ‘ब्लड मनी’ यानी खून की कीमत अदा कर वह बच सकती हैं. लेकिन अब मृतक युवक तलाल के भाई अब्देलफत्ताह मेहदी ने साफ कर दिया है कि उनका परिवार किसी कीमत पर माफी नहीं देगा. उन्होंने कहा कि खून का सौदा नहीं होगा और उन्हें न्याय चाहिए, न कि पैसा.
परिवार का सख्त रुख बना रोड़ा
अब्देलफत्ताह मेहदी ने साफ शब्दों में कहा कि उनके भाई के खून की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती. उन्होंने सभी तरह के समझौतों को खारिज करते हुए कहा कि उनका परिवार माफ करने के लिए तैयार नहीं है. यमन में इस्लामी कानून के तहत ब्लड मनी के बदले माफी का प्रावधान है, लेकिन इसके लिए पीड़ित परिवार की सहमति जरूरी होती है. अब जबकि परिवार ने मना कर दिया है, तो निमिषा के लिए मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
भारत के प्रयासों को झटका
भारत सरकार, सामाजिक संगठन और कई धार्मिक नेताओं ने निमिषा को बचाने के लिए लगातार कोशिशें की हैं. ग्रैंड मुफ्ती अबूबकर मुसलियार खुद यमन सरकार से बातचीत कर रहे हैं. कुछ दिनों पहले यह उम्मीद जगी थी कि बात बन जाएगी, लेकिन अब मृतक के परिवार के इनकार से मामला फिर से उलझ गया है. अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो निमिषा को फिर से फांसी का सामना करना पड़ सकता है.