यमन में फांसी की सजा का सामना कर रही केरल की नर्स निमिषा प्रिया के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के प्रयासों को तो सराहा, लेकिन हालात को लेकर चिंता भी जताई। कोर्ट में सरकार ने साफ कहा कि वह हरसंभव प्रयास कर रही है, लेकिन यमन की स्थिति बेहद जटिल है। शुक्रवार, 19 जुलाई को अगली सुनवाई होगी, जो इस संवेदनशील मामले की दिशा तय कर सकती है।
सुप्रीम कोर्ट में हुई अहम सुनवाई
निमिषा प्रिया को बचाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि यमन में हालात बेहद जटिल हैं। भारत सरकार ने कूटनीतिक चैनलों, यहां तक कि स्थानीय प्रभावशाली शेख से भी संपर्क किया, लेकिन कोई असर नहीं पड़ा।
ब्लड मनी बन सकती है जीवनरक्षक
याचिकाकर्ता पक्ष ने तर्क दिया कि यमन के कानून में ब्लड मनी का विकल्प मौजूद है। यदि मृतक के परिवार को पर्याप्त धनराशि दी जाए और वे क्षमा कर दें, तो फांसी टाली जा सकती है। इसके लिए वे बड़ी रकम देने को भी तैयार हैं। कोर्ट ने इस दिशा में सरकार से पहल जारी रखने को कहा है।
सरकार के प्रयासों की सराहना
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने केंद्र सरकार की गंभीरता की सराहना की और निर्देश दिया कि बेहद संयम और संवेदनशीलता से मामला आगे बढ़ाया जाए। अगली सुनवाई 19 जुलाई को होगी, तब तक सभी पक्षों से ताज़ा स्थिति रिपोर्ट मांगी गई है।