
India-UK partnership: भारत और ब्रिटेन के बीच शिक्षा और रक्षा सहयोग को नई दिशा मिलने जा रही है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मुंबई में घोषणा की कि उनकी देश की नौ शीर्ष यूनिवर्सिटियां भारत में अपने कैंपस खोलेंगी। इस फैसले को दोनों देशों के बीच शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि कीर स्टार्मर के नेतृत्व में भारत-यूके संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जुलाई में दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिससे आयात-निर्यात में सुगमता और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री स्टार्मर के साथ शिक्षा क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा और प्रभावशाली प्रतिनिधिमंडल आया है।
— PMO India (@PMOIndia) October 9, 2025
यह बहुत खुशी की बात है कि अब UK की नौ universities भारत में campuses खोलने जा रही हैं।
Southampton University के Gurugram campus का हाल ही में उद्घाटन हुआ है और छात्रों का पहला…
रक्षा क्षेत्र में नया सहयोग
भारत और ब्रिटेन ने रक्षा सहयोग को मजबूत करते हुए एक ऐतिहासिक सैन्य प्रशिक्षण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षक अब ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स (RAF) को ट्रेनिंग देंगे। यह कदम दोनों देशों के बीच रणनीतिक भरोसे को गहरा करेगा और रक्षा क्षमताओं के आदान-प्रदान में मदद करेगा। इसके साथ ही इंडो-पैसिफिक, पश्चिम एशिया और यूक्रेन संघर्ष जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों देशों के नेताओं ने विस्तृत चर्चा की।
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व्यापार और ऊर्जा में साझेदारी
भारत-यूके CEO फोरम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोल रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच निवेश और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते बनेंगे। उन्होंने बताया कि भारत 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। मोदी ने कहा कि अब दोनों देश न केवल व्यापार में बल्कि ऊर्जा, शिक्षा और तकनीक में भी विश्व स्तर पर नए मानक स्थापित कर सकते हैं।