Nipah Virus vs Bird Flu: साल 2026 की शुरुआत में भारत में दो वायरस निपाह वायरस और बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। निपाह वायरस का केस हाल ही में पश्चिम बंगाल में सामने आया है। यह वायरस बहुत खतरनाक माना जाता है। वहीं दूसरी तरफ बिहार के दरभंगा में हाल ही में कौवों में बर्ड फ्लू पाया गया है, जिससे सतर्कता बढ़ा दी गई है।
मौत का खतरा ज्यादा
निपाह वायरस बहुत खतरनाक वायरस माना जाता है, क्योंकि इससे दिमाग में सूजन (एन्सेफलाइटिस) और गंभीर सांस की समस्या हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, निपाह वायरस से संक्रमित लोगों में मौत का खतरा 40 से 75 फीसदी तक रहता है। अभी तक इसका कोई पक्का इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
क्या है निपाह वायरस
निपाह वायरस (Nipah Virus - NiV) एक ज़ूनोटिक वायरस है, यानी यह मुख्य रूप से जानवरों से इंसानों में फैलता है। यह Henipavirus जीनस का हिस्सा है और सबसे पहले 1998 में मलेशिया में पहचाना गया था। इसका मुख्य स्रोत फल खाने वाली चमगादड़ होती हैं। इंसान इस वायरस से संक्रमित खाना खाने या संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब आने से बीमार हो सकता है। संक्रमण के बाद लक्षण आमतौर पर 4 से 14 दिन में दिखते हैं। शुरुआत में फ्लू जैसा लगता है, लेकिन तेजी से बिगड़ सकता है।
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पश्चिम बंगाल में सामने आए केस
बता दें कि जनवरी 2026 में पश्चिम बंगाल में इसके कुछ केस सामने आए, जिसके बाद करीब 200 लोगों की निगरानी की गई। हालांकि अभी बड़े स्तर पर फैलने का खतरा कम बताया गया है, फिर भी इसकी गंभीरता को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है।
क्या है बर्ड फ्लू
बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लूएंजा भी कहते हैं, एक वायरल संक्रमण है, जो पक्षियों में फैलता है। इसके कुछ प्रकार, जैसे H5N1, इंसानों को भी संक्रमित कर सकते हैं। इंसानों में इसके लक्षण आम फ्लू जैसे होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर निमोनिया और सांस की दिक्कत में बदल सकता है। लेकिन ये वायरस इंसान से इंसान में काफी कम फैलता है। इसलिए बर्ड फ्लू निपाह वायरस जितना खतरनाक नहीं है।