बिहार की राजनीति में इन दिनों नई चर्चाएं तेज हो गई हैं। जेडीयू के वरिष्ठ विधायक हरि नारायण सिंह ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जल्द ही सक्रिय राजनीति में कदम रख सकते हैं। उनके मुताबिक पार्टी के अंदर इस विषय पर बातचीत हो चुकी है और जल्द ही निशांत जेडीयू की सदस्यता ले सकते हैं। अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो उन्हें पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है।
पार्टी बैठक में हुआ फैसला होने का दावा
हरि नारायण सिंह का कहना है कि जेडीयू की एक बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी। बैठक में यह राय सामने आई कि निशांत कुमार को राजनीति में लाकर उन्हें अहम भूमिका दी जाए। बताया जा रहा है कि उन्हें पहले विधान परिषद का सदस्य बनाया जा सकता है। इसके बाद नई सरकार बनने की स्थिति में उन्हें उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है। हालांकि इस मामले पर अभी तक पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राज्यसभा चुनाव से बढ़ी राजनीतिक हलचल
इधर बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्यसभा की सीटों के लिए कई उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है और इन चुनावों के लिए मतदान 16 मार्च को होना है। इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भी राज्यसभा जाने की चर्चा ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। इससे राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
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सत्ता समीकरण को लेकर बढ़ी बहस
इन घटनाक्रमों के बीच बिहार की सियासत में नई बहस शुरू हो गई है। कुछ खबरों में जेडीयू के अंदर नाराजगी की बात भी सामने आई है। वहीं बीजेपी की ओर से कहा जा रहा है कि पिछले चुनाव में ज्यादा सीटें मिलने के बावजूद उन्होंने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनने दिया था। अब बीजेपी का कहना है कि भविष्य में सत्ता के समीकरण बदलने चाहिए। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।