मथुरा दौरे पर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि राज्य तेजी से नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने यमुना एक्सप्रेसवे की तुलना विदेशी शहरों की सड़कों से की और 2027 में फिर से भाजपा सरकार बनने का दावा किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के विकसित भारत संकल्प और प्रदेश सरकार की योजनाओं पर भी जोर दिया।
विकास की रफ्तार और 2027 का भरोसा
मांट क्षेत्र में संबोधन करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज तेजी से आगे बढ़ रहा है और बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली से यमुना एक्सप्रेसवे होते हुए मथुरा आना किसी आधुनिक शहर में प्रवेश करने जैसा अनुभव देता है। इसी के साथ उन्होंने यह विश्वास जताया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता एक बार फिर भाजपा को सत्ता सौंपेगी।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
अपने भाषण में उन्होंने प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सपना सामूहिक प्रयासों से ही पूरा होगा। उन्होंने रोजगार योजनाओं, श्रमिक कल्याण और किसानों को मिल रहे लाभों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी की नीतियों से गरीब, मजदूर, किसान और युवा वर्ग को सीधे फायदा मिल रहा है।
सांस्कृतिक विरासत और स्वच्छता पर जोर
नितिन नवीन ने मथुरा और वृंदावन की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान की चर्चा करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में विकास के साथ परंपराओं को भी संजोया जा रहा है। उन्होंने स्वच्छता अभियानों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर सरकार की पहल की सराहना की। साथ ही कहा कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
लोकतंत्र और युवाओं से अपील
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में सत्ता बंदूक की नोंक पर चलती थी, लेकिन अब सरकार जनता के मत से बनती है। युवाओं से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि समाज को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने की जरूरत है।
मथुरा प्रवास और कार्यक्रमों में सहभागिता
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह पहला मथुरा दौरा रहा। एक्सप्रेसवे पर उनका स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने वृंदावन में आयोजित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भाग लिया। आगे वे मंदिर दर्शन के साथ-साथ स्थानीय विधायक के आवास पहुंचकर शोक संवेदना प्रकट करेंगे। इस दौरे को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।