
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के परिवहन, पर्यावरण और सड़क सुरक्षा से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर अहम बयान दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमत पेट्रोल-डीजल वाहनों के बराबर हो जाएगी। इससे न केवल लोगों को किफायती विकल्प मिलेगा, बल्कि प्रदूषण पर भी काबू पाया जा सकेगा।
ईवी की बिक्री ने तोड़ा रिकॉर्ड
गडकरी ने बताया कि आज देश में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री पेट्रोल गाड़ियों से 15% ज्यादा है। लोग अब पर्यावरण के अनुकूल और जेब पर हल्की गाड़ियां खरीदने की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में ईवी ही लोगों की पहली पसंद बनेंगी।
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की ताकत
मंत्री ने कहा कि भारत में सबसे ज्यादा जीएसटी ऑटोमोबाइल क्षेत्र से आता है। उनका लक्ष्य है कि आने वाले पांच सालों में भारत बायोफ्यूल सेक्टर में दुनिया का नंबर-1 देश बने। उन्होंने यह भी बताया कि पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने से प्रदूषण कम हुआ है और किसानों को बड़ा फायदा मिला है। मक्का और गन्ने जैसी फसलों के दाम बढ़ने से किसानों की आमदनी में सुधार हुआ है और करीब 22 लाख करोड़ रुपये भारतीय अर्थव्यवस्था में जुड़े हैं।
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सड़क हादसों पर जताई चिंता
सड़क हादसों पर गडकरी ने चिंता जताई और कहा कि सरकार लगातार इस दिशा में सुधार कर रही है। सड़क डिजाइन में बदलाव और ब्लैक स्पॉट्स को हटाने पर जोर दिया जा रहा है। कारों में अब 6 एयरबैग लगाए जा रहे हैं। बाइक खरीदते समय हेलमेट देना अनिवार्य किया गया है और नियम तोड़ने पर सख्त जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों की बड़ी वजह लोगों की लापरवाही है, जैसे बिना हेलमेट चलना या रेड लाइट तोड़ना। जब तक लोगों को सही ट्रेनिंग और ट्रैफिक नियमों का ज्ञान नहीं होगा, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।
प्रदूषण और स्वास्थ्य पर बयान
गडकरी ने बताया कि प्रदूषण की वजह से दिल्लीवासियों की औसतन उम्र 10 साल कम हो चुकी है। उन्होंने लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2047 तक भारत को कचरा-मुक्त और प्रदूषण-मुक्त बनाना है। शहरों से निकलने वाले कचरे का इस्तेमाल सड़क बनाने में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत बायोफ्यूल के क्षेत्र में दुनिया में शीर्ष पर होगा और Mercedes जैसी बड़ी कंपनियां भी भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनाएंगी।
गडकरी का स्पष्ट संदेश है कि भारत का भविष्य इलेक्ट्रिक गाड़ियों, बायोफ्यूल और सुरक्षित सड़कों पर टिका है। प्रदूषण कम करना और सड़क हादसों पर रोक लगाना सरकार और जनता दोनों की साझा जिम्मेदारी है।