मध्य प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति देते हुए केंद्र सरकार ने विदिशा को बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विदिशा में 4400 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से न केवल विदिशा बल्कि भोपाल से जुड़े कई क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
भव्य स्वागत और रोड शो से शुरू हुआ कार्यक्रम
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी शुक्रवार दोपहर लगभग 1 बजे हेलीकॉप्टर से विदिशा पहुंचे। उनके आगमन के बाद शहर में एक भव्य रोड शो आयोजित किया गया। यह रोड शो बड़ा बाजार से शुरू होकर पुरानी कृषि उपज मंडी तक पहुंचा। मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिन्होंने पुष्पवर्षा और नारों के साथ जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
4400 करोड़ की लागत से बनेंगी 8 प्रमुख सड़कें
पुरानी कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित मुख्य समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कुल 181 किलोमीटर लंबाई की 8 महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं पर लगभग 4400 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन सड़कों के निर्माण से क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा और राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ाव भी बेहतर होगा।
प्रदेश सरकार ने बताया विकास का मजबूत आधार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ये सड़क परियोजनाएं विदिशा और आसपास के जिलों के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने बताया कि बेहतर सड़क नेटवर्क से उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही किसानों को भी अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा सीधा लाभ
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सड़कें किसी भी राज्य की विकास रीढ़ होती हैं। इन परियोजनाओं से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि पर्यटन, कृषि और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री, सांसद और विधायक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल को ऐतिहासिक बताया।
MP के विकास सफर में नया अध्याय
कुल मिलाकर, विदिशा में घोषित 4400 करोड़ की सड़क परियोजनाएं मध्य प्रदेश के विकास सफर में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी और आम नागरिकों को समय, ईंधन और संसाधनों की बचत का लाभ मिलेगा।