नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दी गई। महंगाई भत्ता यानी DA में 5% की बढ़ोतरी को मंजूरी मिल गई है, जो 1 जुलाई 2025 से लागू होगी। इससे राज्य के लाखों कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। संशोधित दरों के अनुसार, षष्ठम वेतनमान वाले कर्मचारियों का DA 252% से बढ़कर 257% हो गया है, जबकि पंचम वेतनमान वालों का DA 466% से बढ़कर 474% कर दिया गया है। वित्त विभाग का कहना है कि जल्द ही संशोधित भुगतान जारी कर दिया जाएगा।
बिहार में तीन नए विभाग
कैबिनेट की बैठक में तीन नए विभागों के गठन पर भी मुहर लगी। अब बिहार में युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और सिविल विमानन विभाग भी काम करेंगे। इसके अलावा पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग का नाम बदलकर डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग कर दिया गया। श्रम संसाधन विभाग और कला-संस्कृति विभाग के नामों में भी बदलाव किया गया। इन नए विभागों के गठन से प्रशासनिक कामकाज में सुधार और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
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युवाओं के लिए बड़ा कदम
बैठक में युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण देने के लिए एक अहम फैसला लिया गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया के विद्यार्थी कौशल कार्यक्रम को मंजूरी दी गई है। इस प्रोग्राम के तहत युवाओं को वित्तीय बाजारों से जुड़े रोजगारोन्मुख कौशल सिखाए जाएंगे। इसके साथ ही निषेध विभाग और शिक्षा भारती निवारण योजना से जुड़े संशोधनों पर भी मंजूरी दी गई। इससे सामाजिक कल्याण और युवाओं की पढ़ाई–लिखाई से जुड़े मुद्दों को सीधे फायदा मिलेगा।
शहीद के बेटे को नौकरी मंजूर
कैबिनेट ने ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए BSF सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज के पुत्र को नौकरी देने की मंजूरी दी। इसके साथ गया और मुंगेर को नागरिक सुरक्षा जिला घोषित किया गया। कई विभागों का पुनर्गठन भी हुआ—जैसे खान एवं भूतत्व निदेशालय को दो विभागों में बांटना, तकनीकी विकास निदेशालय का नाम बदलना और बिहार रिमोट सेंसिंग सेंटर के उपयोग के लिए नई नीति मंजूर करना। कैबिनेट के इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासन को आधुनिक और जनता के हित में और अधिक प्रभावी बनाना है।