Nitish Cabinet: बिहार की नीतीश सरकार ने कैबिनेट बैठक में ‘विकसित बिहार’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा, औद्योगिक विकास और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े इन निर्णयों का सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। खास तौर पर छात्रवृत्ति योजनाओं, महिला रोजगार और प्रशासनिक सुधारों को लेकर सरकार ने बड़े ऐलान किए हैं, जिससे राज्य की विकास गति को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
छात्रों को बड़ी राहत
कैबिनेट ने प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की राशि बढ़ाने को मंजूरी दी है। वित्तीय वर्ष 2025–26 से कक्षा 1 से 10 तक पढ़ने वाले अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों को दोगुनी छात्रवृत्ति मिलेगी। इस फैसले से करीब 27 लाख छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे और सरकार पर 519 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय आएगा। साथ ही 47 विद्यालयों को पीएम श्री योजना में शामिल किया गया है।
सुरक्षा और प्रशासन
कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस के जवानों का मानदेय बढ़ाने और सेवानिवृत्त सैनिकों की अनुबंध पर भर्ती को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा पटना में बिहार पुलिस की ‘गोरख वाहिनी’ की स्थापना और भूमि विवादों के निपटारे के लिए नए पदों के सृजन का फैसला भी लिया गया।
उद्योगों पर सरकार का जोर
राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 1700 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी दी गई है। सेमीकंडक्टर पॉलिसी–2026 लागू करने, इको टूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी के गठन और बिहार निवास, नई दिल्ली के पुनर्विकास जैसे फैसलों से निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
महिला रोजगार योजना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत चयनित महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता देने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। साथ ही उनके उत्पादों की मार्केटिंग और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं।