
बिहार सरकार ने राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए नया औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 (BIPPP-2025) लागू कर दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी घोषणा सोशल मीडिया पर की और बताया कि कैबिनेट से इसे मंजूरी भी मिल चुकी है. चुनावी साल में लाया गया यह पैकेज बिहार को निवेश और उद्योग के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने की कोशिश है. इससे पहले सरकार बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी 2025 लागू कर चुकी थी.
उद्योगों के लिए मिलेगी मुफ्त जमीन!
इस पैकेज की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि राज्य में बड़े उद्योग लगाने वालों को मुफ्त जमीन दी जाएगी. अगर कोई औद्योगिक इकाई 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करती है और कम से कम 1000 प्रत्यक्ष रोजगार देती है, तो उसे 10 एकड़ तक जमीन फ्री मिलेगी. वहीं जो कंपनियां 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेंगी, उन्हें 25 एकड़ तक मुफ्त जमीन दी जाएगी. इतना ही नहीं दुनिया की शीर्ष फॉर्च्यून 500 कंपनियों को भी बिहार में उद्योग लगाने पर 10 एकड़ तक मुफ्त जमीन मिलेगी.
निवेशकों को मिलेंगे कई बड़े फायदे
जमीन के अलावा सरकार ने निवेशकों को कई और बड़े फायदे देने का ऐलान किया है. नए उद्योग लगाने वालों को 40 करोड़ रुपये तक की ब्याज सब्सिडी मिलेगी. सरकार 300 प्रतिशत तक एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति करेगी और 30 प्रतिशत तक पूंजी सब्सिडी भी दी जाएगी. इतना ही नहीं उद्योग लगाने वालों को हर साल 40 लाख रुपये तक निर्यात प्रोत्साहन भी मिलेगा. साथ ही कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, स्टाम्प ड्यूटी और भूमि रूपांतरण शुल्क की वापसी जैसे लाभ भी पैकेज में शामिल किए गए हैं. सरकार ने निजी औद्योगिक पार्कों को सहयोग देने और पेटेंट पंजीकरण और गुणवत्ता प्रमाणन कराने में भी मदद करने का आश्वासन दिया है.
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कैबिनेट की बैठक में अन्य अहम फैसले भी लिए गए हैं. भोजपुर, शेखपुरा, रोहतास, शिवहर, दरभंगा और पूर्णिया जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए 1927 एकड़ जमीन अधिग्रहण की मंजूरी दी गई है. पटना के फतुहा में फिनटेक सिटी बनाने के लिए भी जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. इसके अलावा मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना को शुरू करने का भी फैसला हुआ है, जिसके तहत दिव्यांगों को व्यवसाय से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी. नीतीश सरकार का यह कदम बिहार को उद्योग और निवेश के नक्शे पर मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है. सरकार चाहती है कि राज्य में रोजगार बढ़े, उद्योगों का माहौल बेहतर हो और आने वाले समय में बिहार आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के रूप में तेजी से आगे बढ़े.