
Nitish Katara murder case: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी विकास यादव की अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज कर दी। यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट के 9 सितंबर के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उसकी जमानत अवधि बढ़ाने से इनकार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि अब शादी होगी, फिर बच्चे होंगे, यह सिलसिला चलता रहेगा, इसलिए जमानत को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। बता दें कि विकास यादव 2002 में हुए इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में दोषी करार दिए गए हैं और उन्हें 25 साल की सजा मिली है।
शादी की तैयारी का दिया था हवाला
सुनवाई के दौरान विकास यादव के वकील गुरु कृष्णकुमार ने कहा कि हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई 2 दिसंबर को करेगा और यादव को शादी के लिए कई व्यवस्थाएं करनी हैं। उन्होंने जमानत अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद साफ कहा कि शादी या अन्य पारिवारिक कारणों के आधार पर जमानत अवधि अनिश्चितकाल तक नहीं बढ़ाई जा सकती। यादव करीब 23 साल से अधिक समय से जेल में है। इस दौरान उसे विशेष परिस्थितियों में ही अस्थायी राहत दी गई थी।
कटारा हत्याकांड और दोषियों की सजा
विकास यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता डीपी यादव के बेटे हैं। 2002 में कारोबारी नीतीश कटारा की हत्या उनके कथित प्रेम संबंध के चलते की गई थी, क्योंकि वह अलग जाति से थे। इस मामले में विकास के चचेरे भाई विशाल यादव को भी सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा एक अन्य दोषी सुखदेव पहलवान को 20 साल की सजा मिली थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2024 में उसे रिहा करने का आदेश दिया था क्योंकि उसने पूरी सजा काट ली थी। वहीं विकास यादव को अब शादी के बावजूद सुप्रीम कोर्ट से किसी तरह की राहत नहीं मिली है।