बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एनडीए के समर्थन से नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ 19 मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण किया। हालांकि मंत्रिमंडल में कुछ पद खाली छोड़े गए हैं, जिनका विस्तार अगले वर्ष 14 जनवरी मकर संक्रांति के बाद किए जाने की तैयारी है। शपथ समारोह में भारी जनसमूह और दिग्गज नेताओं की मौजूदगी रही।
गांधी मैदान में ऐतिहासिक शपथ ग्रहण
पटना के गांधी मैदान में भारी सुरक्षा और भव्य मंच के बीच नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार लगभग तीन लाख से अधिक लोगों के आने का अनुमान था, जिसे देखते हुए व्यापक इंतज़ाम किए गए।
मंत्रियों के शपथ के साथ कुछ पद खाली
इस बार 19 मंत्रियों ने शपथ ली, लेकिन कई पद जानबूझकर खाली छोड़े गए हैं। इसका उद्देश्य विभिन्न दलों को संतुलित तरीके से प्रतिनिधित्व देना है। रिपोर्टों के अनुसार, खाली पदों को अगले साल जनवरी मध्य में भरा जाएगा।
14 जनवरी के बाद होगा मंत्रिमंडल विस्तार
सूत्रों का मानना है कि मकर संक्रांति (14 जनवरी) के बाद विस्तृत मंत्रिमंडल का गठन होगा। इसमें सहयोगी दलों के लिए सीटों का वितरण अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रत्येक छह विधायकों पर एक मंत्री पद तय किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
गठबंधन के सहयोगियों को मिलेगी जगह
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को तीन मंत्री पद मिलने की बात सामने आ रही है। वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को एक-एक सीट मिलने की उम्मीद है। बीजेपी और जेडीयू के आठ-आठ विधायकों ने आज शपथ ली।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, जनता की बड़ी भागीदारी
ऐतिहासिक आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कई स्तर तैयार किए थे। भारी भीड़ के बावजूद कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा। लोग नीतीश कुमार के दसवीं बार मुख्यमंत्री बनने के साक्षी बने।