एनडीए को प्रचंड बहुत मिलने के बाद आज नई सरकार की गतिविधियां शुरू हो जाएंगी. सबसे पहले एनडीए के विधायक दल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें नितीश कुमार को फिर से नेता चुनने की प्रक्रिया होगी। इसी बैठक के बाद नितीश कुमार विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव लाएंगे और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद नई सरकार की औपचारिक रूप से शुरुआत की ओर मजबूत कदम उठेंगे, और शपथ ग्रहण समारोह के लिए मार्ग तैयार होगा। आपको बता दें आज ही नई सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख की घोषणा होने की उम्मीद है..
नई सरकार के गठन की तैयारियां
वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त होने वाला है, लेकिन नई सरकार गठन की तैयारियाँ पहले ही शुरू हो चुकी हैं। नितीश कुमार के इस्तीफे के बाद राज्यपाल को औपचारिक समर्थन पत्र सौंपे जाएंगे, जिस पर नई सरकार का दावा ठोस होगा। इस पूरी प्रक्रिया के बाद, संयुक्त विधायक दल बैठक में उन्हें दोबारा एनडीए का नेता चुना जाएगा और नई सरकार की बागडोर फिर उनके हाथों में सौपी जाएगी।
गांधी मैदान में आयोजित
शपथ ग्रहण समारोह की संभावित तारीख को लेकर मीडिया में अलग-अलग रिपोर्टें हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि यह कार्यक्रम 19 या 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में आयोजित किया जा सकता है, जहां बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियाँ चल रही हैं। वहीं, अन्य रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पीएम नरेंद्र मोदी इस समारोह में शामिल हो सकते हैं, इसलिए तारीख उन्हें देखते हुए तय की जाएगी।
दसवां मुख्यमंत्री पद
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बैठक और उसके फैसलों पर टिकी हुई है। यदि नितीश कुमार को विधायक दल का समर्थन मिलता है और उनका इस्तीफा स्वीकार हो जाता है, तो उनका दसवां मुख्यमंत्री पद संभव हो जाएगा। इस बार समारोह का आयोजन गांधी मैदान में किया जाना कहा जा रहा है, जिसे एक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
गठबंधन की दृढ़ता
आज की एनडीए विधायक दल की बैठक नई शुरुआत और पुरानी पहचान दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। शपथ ग्रहण समारोह के लिए तैयारियों का तरीका यह संकेत देता है कि नितीश कुमार का पुनरागमन सिर्फ एक राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि गठबंधन की दृढ़ता का प्रदर्शन भी होगा।